मनी लॉन्ड्रिंग में अटैच भी हो सकते हैं प्रोजेक्ट
पुलिस ने गुप्ता की कंपनियों के निवेश की जांच की तो पता चला कि करीब 40 करोड़ रुपये से भी अधिक का निवेश इन्होंने गलत तरीके से किया था। यह उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के इरादे से किया। इसके बाद ईडी भी हरकत में आ गई। पिछले दिनों ईडी के अधिकारियों ने पुलिस कप्तान से मुलाकात कर पूरे मामले का ब्योरा जुटाया था। पुलिस की ओर से ईडी को सभी दस्तावेज सौंप दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि ईडी ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है। जल्द ही अब कोर्ट को शिकायत भी भेजी जा सकती है। माना जा रहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए गुप्ता ने साहनी के प्रोजेक्ट में निवेश किया था। ऐसे में ईडी इन प्रोजेक्ट को भी अटैच कर सकती है। ऐसा हुआ तो आने वाले समय में निवेशकों के लिए भी बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। इसी तरह के मामले में ईडी पुष्पांजलि बिल्डर्स की संपत्तियों को अटैच कर चुकी है। ऐसे में अब निवेशकों को न तो फ्लैट मिल पा रहे हैं और न ही उनका पैसा।
बचाव पक्ष ने एफआईआर खत्म करने के लिए की अपील
इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से अब हाईकोर्ट में एफआईआर खत्म करने के लिए अर्जी दी गई है। इसके लिए हाईकोर्ट की ओर से देहरादून पुलिस से जवाब मांगा गया है। पुलिस को शुक्रवार तक जवाब दाखिल करना होगा। हाईकोर्ट में अब इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी। इधर, देहरादून जिला एवं सत्र न्यायालय में दोनों आरोपियों की जमानत पर बृहस्पतिवार को सुनवाई की जानी है।