इस आवासीय परिसर में बहुत से लोग रह भी रहे हैं लेकिन कुछ खरीदार ऐसे हैं जिन्हें पूरी रकम चुकाने के बाद भी उनके पक्ष में रजिस्ट्री नहीं हुई है। ऐसे में अब रेरा इसमें नियमानुसार कार्रवाई के लिए तारीखें लगा दी हैं। रेरा सदस्य नरेश मठपाल ने बताया कि इन सभी खरीदारों की शिकायतों को दर्ज कर लिया गया है।
समय-समय पर अब इनमें सुनवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में रेरा अपनी नजर बनाए हुए है। शाश्वत गर्ग के रायपुर स्थित परियोजना को फ्रीज कराया जा चुका है। बता दें कि हिलॉक्स परियोजना के एक खरीदार की शिकायत पर ही पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी के आधार पर अब ईडी ने भी शाश्वत गर्ग और उसकी पत्नी के खिलाफ मनी लॉन्डि्रंग एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की है।