दून बार एसोसिएशन के चुनाव में मंगलवार को 2468 मतदाता अध्यक्ष और सचिव सहित विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 36 दावेदारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े चार बजे तक होगा। देर शाम तक मतों की गिनती के बाद परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
प्रदेश की बड़ी बार एसोसिएशनों में से एक दून बार एसोसिएशन में अध्यक्ष पद पर पांच प्रत्याशी अनुपमा गौतम, मुकेश महेंद्रा, राजीव शर्मा, शिव चरण सिंह रावत और सुरेंद्र पुंडीर मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर सबसे अधिक सात दावेदार आलोक घिल्डियाल, काली प्रसाद भट्ट, मनजीत सिंह, मनोज कुमार सुंद्रीयाल, मोहम्मद आसीफ खान, शंभू प्रसाद ममगाई व वीरेंद्र सहगल ताल ठोके रहे हैं।
जबकि सचिव पद पर अजय बिष्ट, अनिल कुमार शर्मा, अनिल पंडित, प्रकाश टी पाल व रघुवीर सिंह कठैत चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा संयुक्त सचिव, पुस्तकालयाध्यक्ष, ऑडिटर सहित विभिन्न पदों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है। चुनाव अधिकारी चित्ररंजन त्रिवेदी के मुताबिक मतदान के बाद देर रात चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
दावेदारों ने झोंकी ताकत
मतदान से ठीक एक दिन पहले माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए दावेदारों ने पूरी ताकत झोंक दी। दावेदारों और उनके समर्थकों ने चैंबरों में जाकर वकील से संपर्क किया। दावेदारों ने दावा किया कि यदि वह चुनाव जीते तो बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय बनाएंगे। वही नए अधिवक्ताओं को चैंबर दिलाएंगे।
305 वकीलों के मतदान पर रोक से गड़बड़ाएंगे समीकरण
दून बार एसोसिएशन चुनाव में 305 से अधिक वकील अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। वेरिफिकेशन न होने से बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड की ओर से इनके मताधिकार पर रोक लगाई गई है। जिससे चुनाव में कुछ दावेदारों का समीकरण गड़बड़ा सकता है।
प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में वकीलों के वेरिफिकेशन की प्रक्रिया चल रही है। स्टेट बार कौंसिल के सत्यापन के बगैर वकील मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकते। जबकि वह वकील भी मतदान नहीं कर सकते जिन्होंने ऑल इंडिया बार एग्जाम पास नहीं किया है। बार कौंसिल ऑफ उत्तराखंड की ओर से इसके लिए वकीलों से वेरिफिकेशन कराए जाने को कहा गया था, लेकिन कई अधिवक्ताओं के बार कौंसिल में फार्म जमा नहीं हुए।
यही वजह रही कि दून बार एसोसिएशन की ओर से बार कौंसिल को भेजी गई 2772 वकीलों की सूची में से 2468 वकीलों की सूची फाइनल हुई है। बता दें कि दून बार एसोसिएशन के चुनाव में उन वकीलों के वोट दावेदारों के हार जीत के समीकरण बिगाड़ते रहे हैं जो असल में वकालत के पेशे में नहीं हैं, लेकिन इस बार इन वकीलों के वेरिफिकेशन फार्म जमा न होने से यह मतदान नहीं कर सकेंगे।
युवा वकीलों के हाथ होगा फैसला
चुनाव में 2468 वकीलों में से 50 फीसदी से अधिक वकील युवा हैं जो चुनाव में अध्यक्ष और सचिव सहित विभिन्न पदों पर दावेदारों के भाग्य का फैसला करेंगे। युवा मतों को देखते हुए हर कोई दावेदार भी इन्हें अपने पक्ष में करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है।