एनेस्थीसिया रिपोर्ट में ओटी टेक्नीशियन और अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर थे
प्राधिकरण को क्लेम के लिए भेजे गए दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि एनेस्थीसिया रिपोर्ट में ओटी टेक्नीशियन और अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर थे। कहा कि नियमों के अनुसार मरीज की सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया में एमडी या पीजी डिप्लोमा करने वाले डॉक्टर ही एनेस्थीसिया के लिए पात्र होते हैं, लेकिन बिना एनेस्थेटिक्स के अस्पताल ने मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया है। साथ ही फर्जी मेडिकल दस्तावेज बना कर क्लेम के लिए धोखाधड़ी की है।
बता दें कि इससे पहले भी आयुष्मान इलाज में फर्जीवाड़ा करने पर प्राधिकरण ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विकासनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच चल रही है। साथ ही अस्पताल को आयुष्मान योजना से बाहर कर सभी क्लेम का भुगतान रोक दिया था।