समाज कल्याण विभाग की पुरोहित पेंशन योजना की पात्रता शर्तों से डिग्री की शर्त हटेगी। इस योजना को शुरू हुए दो साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक विभाग को लाभार्थी नहीं मिल पा रहे हैं।
पुरोहित पेंशन योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने डिग्री की शर्त हटाने के निर्देश दिए हैं। इस पर समाज कल्याण विभाग ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
पुरोहित पेंशन योजना की पात्रता शर्तों में यह भी कहा गया था कि व्यक्ति के पास संस्कृत विद्यालय, मदरसा या दूसरे किसी धार्मिक शिक्षण संस्थान की डिग्री हो।
हिंदू पुरोहित के लिए मध्यमा, शास्त्री, आचार्य, मुसलिम धर्म गुरु के लिए किसी मदरसा से मौलवी, हाफिज, कारी, आलिम आदि की डिग्री हो। इसी तरह दूसरे धर्मगुरुओं के लिए संबंधित डिग्री की शर्त रही है। इस शर्त की वजह से समाज कल्याण विभाग को पात्र नहीं मिल पा रहे थे।
प्रदेश भर में बहुत से लोग पुश्तैनी रूप से पुरोहिती का कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनके पास शर्त के अनुरूप कोई डिग्री नहीं है, जिसकी वजह से वे योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यह शर्त हटने से वे सरकार की इस योजना का लाभ ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री से निर्देश प्राप्त होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने शर्त हटाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है। निदेशक समाज कल्याण वीएस धानिक ने बताया कि शर्त हटाने के संबंध में निर्देश मिल चुके हैं। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है।