इसको लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं तो मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि सेना की तैयारी में कोई कमी नहीं है। सेना के पास हथियारों की भी कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा ध्यान तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण पर है।
केंद्र सरकार ने आर्मी के वाइस चीफ को यह यह अधिकार प्रदान किया है कि वह अपने हिसाब से तैयार रहें। आवश्यकता पड़ने पर हथियार खरीदें। इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त किया कि सेना की तैयारी को लेकर लेशमात्र भी चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
उत्तराखंड को बताया वीरों की भूमि
केंद्रीय रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरों की भूमि बताया। कहा कि बचपन में हम यहां चारधाम यात्रा के लिए आते थे, लेकिन यह भूमि वीरों की भूमि है। यहां के जवानों ने 21 परमवीर चक्र हासिल किए हैं। लगभग हर परिवार का एक व्यक्ति सेना में अपनी सेवा दे रहा है। इस भूमि पर देवताओं के साथ-साथ भारत माता की भी कृपा है। यही वजह से जब मुख्यमंत्री ने मुझे यहां आने का निमंत्रण दिया तो मैंने झट से स्वीकार कर लिया। वीरों की भूमि पर आना मेरे लिए गर्व की बात है।
पूरे देश में है उत्तराखंड का सम्मान: जनरल रावत
थल सेना अध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने कहा कि भारतीय सेना में जिस संख्या में उत्तराखंड के लोगों की हिस्सेदारी है, इस वजह से पूरे देश में प्रदेश के लोगों का सम्मान है। पूरा देश उत्तराखंड को उच्च नजरिए से देखता है। उत्तराखंड के सपूत पूरे जोश के साथ अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड के लोग देश की ऐसे ही सेवा करते रहेंगे।
वर्दी में आने वालों के लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं: सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सेना और सैनिकों को हर संभव मदद करने को तैयार है। अगर कोई सैनिक अपनी समस्या को लेकर सैन्य वर्दी में मुझसे मिलने आता है तो उसके लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं होगा। सेना के लिए सीएम आवास और दफ्तर के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं।