चिड़ियापुर वन रेंज स्थित नलोवाला गांव में आवारा कुत्तों का एक झुंड रोजाना वन्य जीवों को अपना निवाला बना रहे हैं।
पिछले एक माह में करीब पांच से छह सांभर और चीतल आवारा कुत्तों का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों की ओर से सूचना देने पर भी वन विभाग ने कार्रवाई नहीं की। अगर ऐसा ही चलता रहा तो इन जीवों पर संकट आ सकता है।
आवारा कुत्ते बने खतरा
चिड़ियापुर वन रेंज स्थित नलोवाला गांव के पास जंगल में बने तालाब पर पानी पीने आने वाले चीतल और सांभर को आवारा कुत्तों का एक बड़ा झुंड पिछले एक माह से भी ज्यादा समय से अपना शिकार बना रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक माह में आवारा कुत्ते कई सांभर और चीतल का शिकार कर चुके हैं।
स्थानीय निवासियों का है कहना
शमशेर भड़ाना और नजाकत अली का कहना है कि कुत्तों द्वारा रोजाना चीतल और सांभर को मारने की जानकारी चिड़ियापुर वन रेंज अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को कई बार दी है लेकिन, वन विभाग के किसी भी कर्मचारी ने आज तक मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई है।