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Dehradun News: तहसील परिसर में मर्यादाएं तार-तार, भूमि विवाद में भिड़े अधिवक्ता और प्रदर्शनकारी

Fri, 25 Sep 2026 10:57 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
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विकासनगर तहसील परिसर शुक्रवार को उस वक्त जंग के अखाड़े में तब्दील हो गया, जब भूमि विवाद को लेकर धरने पर बैठीं राज्य आंदोलन के बलिदानी सत्येंद्र सिंह चौहान की बहन अरुणा रानी चौहान और स्थानीय अधिवक्ताओं के बीच भारी विवाद हो गया। बैनर लगाने और नारेबाजी को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। तीखी नोकझोंक के बाद नौबत गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। पुलिस ने बमुश्किल बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।
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अरुणा रानी चौहान किसान यूनियन के पदाधिकारियों, राज्य आंदोलनकारियों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं के साथ तहसील परिसर पहुंचीं और बैनर लगाकर सांकेतिक धरने पर बैठ गईं। कुछ ही देर बाद बार एसोसिएशन विकासनगर के अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में कई अधिवक्ता वहां पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने धरने में बार एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी करने और बार की उपाध्यक्ष शायरी गैरोला का फोटो वाला बैनर लगाने पर कड़ी आपत्ति जताई। आरोप है कि इसी दौरान बैनर हटाने को लेकर खींचतान हुई और बैनर फट गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज शुरू हो गई। इस दौरान अरुणा चौहान और एक महिला अधिवक्ता के बीच भी हाथापाई की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों गुटों को अलग किया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार विवेक राजौरी को ज्ञापन सौंपा।
चार साल से नहीं मिल रहा न्याय, अधिवक्ताओं ने घेरा

अरुणा रानी चौहान ने आरोप लगाया कि महिला अधिवक्ता शायरी गैरोला और उनके सहयोगियों ने उन पर फर्जी मामले दर्ज कराए हैं। वे पिछले 14 दिनों से सेलाकुई में भी धरने पर थीं और शुक्रवार को अधिकारियों से सुनवाई की उम्मीद में तहसील आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण धरना दे रही थीं, लेकिन अधिवक्ताओं ने उन्हें घेर लिया, गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की पर उतारू हो गए। उन्होंने कहा कि चार साल से इस मामले का समाधान नहीं हुआ है, यहां तक कि उच्च न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।
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न्याय कोर्ट से मिलेगा, दबाव बनाने के लिए हो रही बयानबाजी

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि सोशल मीडिया पर पिछले 15 दिनों से विकासनगर बार की उपाध्यक्ष शायरी गैरोला के खिलाफ भ्रामक पोस्ट किए जा रहे थे। अधिवक्ताओं को धरने से कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन किसी अधिवक्ता की फोटो लगाकर उसका सार्वजनिक अपमान और बार एसोसिएशन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि विवादित भूमि पर शायरी गैरोला का कब्जा है और दूसरे पक्ष पर इसी खसरा नंबर को दिखाकर अन्य भूमि बेचने का आरोप है। मुकदमे का फैसला न्यायालय में ही होगा।
वहीं, अधिवक्ता व बार उपाध्यक्ष शायरी गैरोला ने कहा कि बलिदानी सत्येंद्र सिंह चौहान उनके भी भाई थे, लेकिन उनके नाम पर झूठी सहानुभूति बटोरी जा रही है। विवादित भूमि उनके ससुराल पक्ष की है, जिससे बलिदानी के परिवार का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके माता-पिता के निधन के बाद से अरुणा चौहान और उत्तम डोगरा उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है और अपना पक्ष कमजोर देखते हुए दबाव बनाने के लिए यह सब किया जा रहा है।
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