जिले की 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे कुल 117 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज हो जाएगा। सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी। उसके बाद चरणबद्ध तरीके से ईवीएम पर वोटों की गिनती की जाएगी। दोपहर दो बजे तक सभी सीटों पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ज्यादातर सीटों के फाइनल रुझान आ जाएंगे, जबकि कुछ सीटों के नतीजे दो बजे तक आ सकते हैं।
14 फरवरी को हुए मतदान के बाद प्रत्याशियों का चैन ओ सुकून खोया हुआ है। समर्थक और पदाधिकारी भी नतीजों को लेकर गुणा-भाग करने से लेकर मंदिर, पुजारी से लेकर ज्योतिषियों के दरबार में दस्तक दे चुके हैं। ज्यादातर प्रत्याशी परिणामों को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं। हर प्रत्याशी अपनी जीत और अपनी पार्टी की सरकार बनने का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत क्या है इसका पता दोपहर तक चल जाएगा। जनता का आशीर्वाद पाने वालों के चेहरे परिणाम आने के बाद खिले हुए नजर आएंगे जबकि हारे हुए प्रत्याशी अपनी हार की वजह से तलाशने में जुट जाएंगे। जिले की 10 विधानसभा सीटों पर 117 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। 14 फरवरी को हुए मतदान कुल 62.4 फीसदी वोटरों ने मतदान किया। विकासनगर विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 75.28 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विकासनगर के बाद सहसपुर विधानसभा सीट पर 72.28, चकराता में 67.24 फीसदी मतदान हुआ। जिले में कैंट सीट पर सबसे कम 56.02 फीसदी वोटरों ने मतदान किया। धर्मपुर विधानसभा में 56.45 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले में दस विधानसभा सीटों में से तीन विधानसभाएं ऐसी रहीं, जहां मतदान का प्रतिशत साठ फीसदी से कम रहा। धर्मपुर, कैंट और राजपुर सीट में साठ फीसदी से कम मतदान हुआ। वहीं, सात सीटों पर साठ फीसदी से अधिक मतदान हुआ है।
सुबह सबसे पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती की जाएगी। उसके बाद चरणबद्ध रूप से वोटों की गिनती होगी। मतगणना को लेकर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुबह एजेंट्स को मतगणना शुरू होने से 15 से 20 मिनट पहले पहुंचने को कहा गया है ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो।
-डा. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी
मतगणना के लिए पुलिस ने किए पुख्ता इंतजाम
मतगणना को लेकर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है। अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के तीन अधिकारियों के साथ भारी संख्या में फोर्स को मतगणना स्थल के पास तैनात किया जाएगा। मतगणना स्थल में पार्टी ऐजेंटों को मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए बुधवार को डीआईजी/एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी ने पुलिस फोर्स को ब्रीफ किया। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की चेतावनी भी दी।
डीआईजी ने कहा कि मतगणना कक्ष के बाहर लगे पुलिस कर्मी अधिकृत व्यक्ति को ही मतगणना कक्ष में प्रवेश करने दें। किसी अन्य व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। मतगणना स्थल के चारों ओर सौ मीटर के घेरे को पैदल क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है। इस परिधि के अंदर किसी भी प्रकार के वाहन को लाने की अनुमति नहीं होगी। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि मतगणना को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए बुधवार को मतगणना स्थल रायपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में ड्यूटी में नियुक्त पुलिस बल की ब्रींफिंग की गई।
ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित बल को बताया गया कि, मतगणना के समय सभी को अतिरिक्त सावधानियां बरतनी पड़ेगी। ड्यूटी में नियुक्त बल सुबह छह बजे तक अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर आसपास के क्षेत्र को भली भांति चेक कर लें। मतगणना स्थल और उसके आसपास के दायरे में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को प्रवेश न करने दे। प्रत्येक विधानसभावार अधिकृत एजेंटो के लिए अलग-अलग रंग के कार्ड बने हैं। क्षेत्राधिकारी नेहरू कॉलोनी और थानाध्यक्ष रायपुर इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम के बाहर मार्गों पर किसी भी प्रकार की अनावश्यक भीड़ एकत्रित न हो।
मतगणना स्थल पर केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही चेकिंग के बाद अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। मुख्य गेट पर नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी इस बात को सुनिश्चित करेंगे की किसी भी प्रत्याशी के साथ सुरक्षा ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मियों को भी अंदर जाने की अनुमति ना दी जाए। इसके अतिरिक्त मतगणना हॉल में पार्टियों की ओर से नियुक्त गए पार्टी एजेंटों को किसी भी दशा में अपने साथ ब्रीफकेस, ज्वलनशील सामग्री, मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। ड्यूटी में नियुक्त सभी अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपना आचरण निष्पक्ष रखें। अनावश्यक किसी भी विवाद से बचें।
दो भागों में बांटा गया स्टेडियम
सुरक्षा की दृष्टि से मतगणना स्थल रायपुर स्टेडियम को दो भाग इनर कॉर्डन और आउटर कॉर्डन में बांटा गया है। इनर कॉर्डन में बॉस्केटबाल भवन परिसर के अंदर की गई पुलिस व्यवस्था की प्रभारी पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कमलेश उपाध्याय, शूटिंग रेंज भवन परिसर में की पुलिस व्यवस्था की प्रभारी पुलिस अधीक्षक नगर सरिता डोबाल और बास्केटबाल भवन और शूटिंग रेंज भवन में आउटर कार्डन के प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक संचार मुकेश ठाकुर होंगे। इसके अतिरिक्त मतगणना स्थल के आसपास की यातायात व्यवस्था और पार्किंग व्यवस्था के प्रभारी पुलिस अधीक्षक यातायात अक्षय कोंडे रहेंगे। आउटर कॉर्डन में सुरक्षा की दृष्टि से सात बैरियर बनाए गए हैं। मतगणना स्थल के बाहर पार्टी एजेंटों, मीडिया कर्मियों और मतगणना में नियुक्त कर्मियों व अधिकारियो के लिए अलग- अलग पांच पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से तीन मोबाइल पार्टियां (पैदल) बैरियरों के बीच सचल नियुक्त रहेंगी। इसके अतिरिक्त रायपुर स्टेडियम के बाहर एक मोबाइल पार्टी (वाहन में) नियुक्त की गई है। साथ ही प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ राउंड पर रहने के लिए निर्देशित किया गया।
इतनी फोर्स रहेगी तैनात
अपर पुलिस अधीक्षक-03
क्षेत्राधिकारी 06
निरीक्षक 12
उप निरीक्षक 68
हेड कांस्टेबल 32
कांस्टेबल 349
महिला कांस्टेबल- 134
पीएसी- दो कंपनी
यातायात कांस्टेबल -07
मतगणना की तैयारियों में जुटे रहे अधिकारी-कर्मचारी
ज्यादातर विभागों के अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को मतगणना की तैयारियों में व्यस्त रहे। इसके कारण लोगों को दफ्तरों से मायूस लौटना पड़ा। उनके काम भी नहीं हो पाए। आज भी ज्यादातर अधिकारियों और कर्मचारियों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहने के कारण काम नहीं हुए। लोगों को शुक्रवार तक का इंतजार करना होगा, जब चुनाव ड्यूटी समाप्त होने के बाद अधिकारी और कर्मचारी अपने काम पर लौटेंगे।
राज्य में पिछले कई दिनों से चुनाव प्रक्रिया चल रही है। इसमें अलग-अलग स्तरों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। मतदान के बाद कुछ दिन के लिए अधिकारी व कर्मचारी वापस लौट आए थे। उसके बाद दोबारा उनकी ड्यूटी मतगणना में लगाई गई है। बुधवार को उन्हें एक बार फिर मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने काम करवाने के लिए दफ्तर पहुंचे। यहां से उन्हें निराश वापस लौटना पड़ा। आरटीओ, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, एमडीडीए, खाद्य आपूर्ति, पीडब्ल्यूडी समेत अन्य सभी विभागों के कर्मचारी ड्यूटी पर रहे। जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद लोगों के कामों को तेजी से निपटाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जिन विभागों में बैकलॉग हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर उनका निपटारा किया जाएगा।