उत्तराखंड में गैस एजेंसियों की मनमानी चरम पर है। एजेंसियां मनमानी कर उपभोक्ताओं के करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष डकार रही हैं।
गोदाम से सिलेंडर लेने पर उपभोक्ताओं को सिलेंडर की कीमत में से साढे़ अठारह रुपये प्रति सिलेंडर की छूट मिलती है, लेकिन यहां एक आध को छोड़ बाकी सभी गैस एजेंसियां रिबेट का पैसा उपभोक्ताओं को वापस नहीं करती हैं, जबकि उपभोक्ताओं का हक व अधिकार है कि गोदाम से सिलेंडर लेने पर उन्हें रिबेट मिलेगा।
मंत्रालय का निर्देश है कि अगर कोई उपभोक्ता अपनी मर्जी से होम डिलीवरी न लेकर गोदाम से सिलेंडर लेता है तो उसे सिलेंडर की कीमत में से साढ़े अठारह रुपये कम लिए जाएंगे।
यह निर्देश सभी गैस एजेंसियों के लिए हैं कि वे गोदाम से सिलेंडर उठाने वाले उपभोक्ताओं को रिबेट दें, लेकिन सभी को पता है कि एजेंसियां ऐसा नहीं करती हैं।
70 लाख 85 हजार रुपये प्रतिमाह डकारती हैं गैस एजेंसियां
गैस सिलेंडर
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उत्तराखंड में लगभग 235 गैस एजेंसियां हैं। इनमें से देहरादून जिले में कुल 43 एजेंसियां हैं, जबकि प्रदेश में 19, 015027 गैस उपभोक्ता हैं।
इनमें से देहरादून में 488329 उपभोक्ता हैं। प्रदेश के लगभग 20 प्रतिशत उपभोक्ता यानी तीन लाख 83 हजार उपभोक्ता प्रतिमाह गोदाम से सिलेंडर ले रहे हैं, जिनको रिबेट नहीं मिलती है। ऐसे में लगभग 70 लाख 85 हजार रुपये प्रतिमाह गैस एजेंसियां डकारती हैं।
जागो ग्राहक जागो
गोदाम से सिलेंडर लेने वाले उपभोक्ताओं का अधिकार है कि उन्हें प्रति सिलेंडर साढ़े अठारह रुपये रिबेट मिले। अगर कोई गैस एजेंसियां ऐसा नहीं करती हैं तो उपभोक्ता इसकी शिकायत जिला खाद्य आपूर्ति विभाग या टर्नर रोड स्थित इंडियन ऑयल संभागीय कार्यालय में कर सकता है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गैस एजेंसियों को कहा गया है कि वे उपभोक्ताओं को गोदाम से सिलेंडर न दें क्योंकि इसमें रिस्क होता है। हालांकि अगर कोई उपभोक्ता गोदाम से सिलेंडर लेता है तो उसे रिबेट देने का प्रावधान है। अगर कोई एजेंसी संचालक रिबेट नहीं देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- वीके सुन्दरियाल, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक