पेड़ों की जड़ दीवार की बुनियाद में जगह बना चुकी
छोटे-मोटे मरम्मत के काम और कुछ कमरों के निर्माण को छोड़ दें तो यहां इसके बाद से कोई नया निर्माण नहीं हुआ है। डीबीएस रोड पर बृहस्पतिवार को जो दीवार गिरी वह भी एक सदी से ज्यादा पुरानी थी। इस दीवार से सटे हुए कई बड़े पेड़ हैं। बरसों बरस इन पेड़ों की जड़ दीवार की बुनियाद में जगह बना चुकी हैं। यही कारण है कि अब दीवार जर्जर और कमजोर हो चुकी है।
इस मार्ग की बात करें तो डीबीएस रोड बमुश्किल 18 मीटर चौड़ी है। इसी रास्ते से रोज हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। दिन में हजारों वाहन आवाजाही करते हैं। इस सड़क किनारे 80 मीटर लंबी यह दीवार है। इसका तकरीबन 20 मीटर का हिस्सा ढह गया, जिसके नीचे दबने से सुष्मिता की मौत हो गई। डीएवी कॉलेज प्रबंधन अपने ऊपर से टालकर इस बात को वन विभाग के पाले में डाल रहा है।
बताया जा रहा है कि इस दीवार के किनारे खड़े पेड़ों को कटवाने के लिए वन विभाग से मिन्नतें की गई थीं। लेकिन, किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। प्रबंधन और वन विभाग के बीच जो भी कुछ हुआ हो लेकिन, उनकी यह लापरवाही अपने कॅरियर की शुरूआत करने जा रही सुष्मिता की जान पर भारी पड़ गई। अब भी प्रबंधन यहां से मलबा हटाने में लगा है, लेकिन अगले 60 मीटर के हिस्से को लेकर कोई जवाब किसी के पास नहीं है।
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डीएवी के किसी भी अधिकारी ने वन विभाग से फोन पर या किसी माध्यम से संपर्क नहीं किया है। पेड़ काटने की अनुमति के लिए चिट्ठी लिखी थी, जिस पर निरीक्षण करने के बाद 12 अक्तूबर को अनुमति जारी कर दी गई थी। अनुमति के बाद यह पेड़ कटवाना डीएवी प्रबंधन को ही था। घटना के बाद फिर से निरीक्षण किया गया था। लेकिन, पेड़ की वजह से दीवार नहीं गिरी है। - नितिशनमणि त्रिपाठी, डीएफओ, देहरादून