उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम योगदान देने वाले रामप्रसाद राठौर के निधन से मसूरी में शोक की लहर है। मंगलवार को शहर के राज्य आंदोलनकारियों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त कर उनके योगदान को याद किया।
बार्लोगंज मसूरी निवासी चिन्हित राज्य आंदोलनकारी रामप्रसाद 73 साल के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनकी बेटी नीतू शर्मा ने बताया कि सोमवार को उन्होंने घर पर अंतिम सांस ली और मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार चंद्रबनी देहरादून में हुआ। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन के संयोजक प्रदीप भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में स्वर्गीय रामप्रसाद के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन और बडोनी स्मृति समिति ने इंद्रमणी बडोनी जयंती पर सम्मानित भी किया था। उनके निधन पर नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता, मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, पूरण जुयाल, देवी गोदियाल, श्रीपति कंडारी, कमल भंडारी, बिल्लू वाल्मिकी, रजत अग्रवाल, आरपी बडोनी आदि ने शोक व्यक्त किया।