उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में डेंगू का डंक जान लेने लगा है। कोटद्वार के सरकारी अस्पताल से देहरादून रेफर किए रिखणीखाल विकासखंड के कालीगाड़ के कांता प्रसाद की मौत हो गई। डेंगू की बीमारी से मौत के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा है।
18 सितंबर को बुखार की शिकायत पर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में उपचार के लिए आए रिखणीखाल विकासखंड के कालीगाड़ निवासी कांता प्रसाद (29) पुत्र सतेश्वर प्रसाद लखेड़ा को जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हुई थी। डॉक्टरों ने कांता प्रसाद को उसी दिन देहरादून रेफर कर दिया।
मौत से क्षेत्र में हड़कंप
जानकारी के अनुसार कांता प्रसाद ने देहरादून में दून अस्पताल में दम तोड़ दिया। कालीगाड़ के पूर्व प्रधान संतोषी लखेड़ा और हरिकृष्ण लखेड़ा ने बताया कि कांता काफी समय से बीमार चल रहा था। वह झोलाछाप डॉक्टरों से दवाइयां ले रहा था। हालत बिगड़ने पर वह 15 सितंबर को कोटद्वार तड़ियाल चौक स्थित अपने रिश्तेदारों के यहां आया।
डॉक्टरों ने उसे जांच कराने को कहा तो डेंगू की पुष्टि हुई। उसे देहरादून ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। उसकी मौत से गांव में मातम छा गया है।
ग्राम प्रधान मनमोहन लखेड़ा ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से क्षेत्र में दवा छिड़काव और मेडिकल टीम भेजने की मांग की है।