‘बाबा हम तो बेटी की लंबी जिंदगी की मन्नत लेकर आए थे, लेकिन उसे मौत नसीब कर दी’। बेटी की दर्दनाक मौत से बिलख रही मां आशा के मुंह से बार-बार यही पुकार निकल रही थी।
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यह परिवार बीमार मोनिका के ठीक होने की दुआ मांगने के लिए पिरान कलियर स्थित साबिर पाक की दरगाह पर जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही रुड़की स्टेशन पर बेटी के साथ हादसा हो गया।
अंबाला का है रहने वाला
अंबाला कैंट के प्रगति विहार निवासी विजयपाल एक हादसे बाद से ठीक से चल पाने में अक्षम हैं। इस कारण पत्नी आशा ही मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही है।
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एक माह पहले बेटी मोनिका बीमार हुई तो परिवार की मुसीबत और बढ़ गई। परिवार ने बेटी का काफी इलाज कराया, लेकिन मोनिका को कोई आराम नहीं हुआ। लगातार उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।
बेटी की सलामती के लिए आता था कलियर
इसी बीच किसी ने परिवार को सलाह दी कि मोनिका को लेकर पिरान कलियर में दरगाह शरीफ में जाएं। करीब एक माह पहले परिवार मोनिका को लेकर दरगाह शरीफ आए थे।
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बताया जा रहा है कि मत्था टेकने के बाद मोनिका को काफी आराम मिला था। इसके बाद वे फिर पिरान कलियर आए। लेकिन मोनिका पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई थी।
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बृहस्पतिवार को यह परिवार तीसरी बार जियारत करने दरगाह शरीफ जा रहा था। लेकिन वहां पहुंचने से पहले उनकी बेटी मोनिका का साथ जिंदगी ने छोड़ दिया। मोनिका की मौत के बाद देर शाम तक पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पूरा परिवार रोता बिलखता रहा।