फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के एसडीएम देंगे मौत की 'गारंटी'

Wed, 04 Sep 2013 08:49 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
आपदा में लापता हुए लोगों को मृत्यु प्रमाणपत्र दिशा-निर्देश के मुताबिक कम से कम तीस दिन बाद जारी हो सकेंगे।
विज्ञापन


कानूनी पहलुओं और गड़बड़ी से बचने के लिए रजिस्ट्रार जनरल ने कड़े प्रावधान तय किये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के एसडीएम ही मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करेंगे।

पढ़ें, आपदा से बचने के बाद लोगों को निगल गई 'धरती'!

चार धाम यात्रा के दौरान केदारघाटी और कई अन्य क्षेत्रों में हजारों लोग जल प्रलय का शिकार हुए थे। दो सितंबर को राज्य के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के अलावा अन्य राज्यों को भी शासन ने प्रमाणपत्र जारी करने के लिए निर्देश जारी कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, अरे ये क्या! मोटरबोट से दुनिया में आई बच्ची

इसमें लापता लोगों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है, जिस क्षेत्र में आपदा आई है वहां के स्थानीय लोगों को पहली श्रेणी में रखा गया है। राज्य के अन्य जनपदों के ऐसे लापता लोगों को दूसरी श्रेणी में रखा है जो प्रभावित क्षेत्र में लापता हुए हैं। जबकि तीसरी श्रेणी अन्य राज्यों के लापता लोगों की है।

प्रक्रिया
- लापता का उत्तराधिकारी अपने क्षेत्र के थाने में एफआईआर दर्ज करवाएगा।
- वहां के एसडीएम को एफआईआर की कॉपी सहित अन्य दस्तावेज देने होंगे।
- हादसे के समय लापता के चार धाम यात्रा में मौजूद होने का सबूत देना होगा। इसमें फोन कॉल का रिकॉर्ड, फोटो, ट्रेवलिंग एजेंसी की रसीद आदि शामिल है।

- एसडीएम लापता व्यक्ति के दस्तावेज आपदा वाले क्षेत्र के एसडीएम को भेजेगा।
- दस्तावेजों के सत्यापन के लिए मिसिंग सेल की मदद ली जाएगी।
- परगना अधिकारी की ओर से लापता व्यक्तियों की सूची अखबार, वेबसाइट और अन्य प्रचार माध्यम से प्रकाशित की जाएगी।

फेसबुक पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें