फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केदारनाथ में तैनात जवानों को नहीं मिल रहा इंसाफ

Fri, 25 Apr 2014 11:54 AM IST
संदीप थपलियाल/ अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून जैसी सुविधाजनक स्थानों पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मियों को तो मूल वेतन का 50 फीसदी अतिरिक्त ड्यूटी एलाउंस मिलता है।
विज्ञापन


विकट स्थानों पर काम करने वालों का डीए कम
लेकिन केदारनाथ धाम जैसे विकट स्थानों पर काम करने वालों को एक महीने तक सौ रुपए और फिर इसके बाद 50 रुपए डीए दिया जाता है।

पढ़ें, 'ओबामा की तरह मोदी के सिर पर भी सजेगा ताज'

जबकि इन स्थानों पर महंगाई ज्यादा होने के कारण इन पुलिस कर्मियों का आधा वेतन खाने में ही खर्च हो जाता है।

केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले और बंद होने के बाद तक धाम में पुलिस सुरक्षा के लिए तैनात रहती है। भारी बर्फबारी के बाद ही पुलिस टीम नीचे आती है।

पढ़ें, भाजपा को इस आयरन लेडी से लेना होगा लोहा

रोड हेड से केदारनाथ धाम की दूरी अधिक होने के कारण यहां माल ढुलान काफी महंगा पड़ता है, जिससे खाने-पीने की वस्तुएं काफी महंगी मिलती है।

पढ़ें, बदरी-केदारनाथ धाम में मुश्किल हुए सभी काम

इतना सब कुछ हाने के बावजूद पुलिस जवानों को अतिरिक्त भत्ते के रुप में प्रतिदिन सौ रुपए दैनिक भत्ता (डीए) मिलता है, वह्व भी सिर्फ एक माह तक।

इसके बाद उनको 50 रुपए ही डीए मिलता है। जबकि केदारनाथ धाम में एक वक्त का खाना भी 50 रुपए से ऊपर बैठता है। मजबूरन जवानों को अपने वेतन से खर्चा करना पड़ता है जबकि धाम में जवानों की 24 घंटे की ड्यूटी होती है।

पढ़ें, इस मुख्यमंत्री के घर से कूच कर गई ‘जवानी’

किसी भी वक्त पूरी टीम को क्षेत्र में गश्त करनी पड़ती है।

केदारनाथ जैसे क्षेत्रों में पुलिस कर्मी विपरीत परिस्थिति में काम करते हैं, इसलिए समुद्रतल से से नौ हजार फीट से ऊपर की ऊंचाई वाले स्थानों पर तैनात जवानों को मूल वेतन का 50 फीसदी अतिरिक्त भत्ता देने का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से जवानों को मनोबल बढे़गा।
विज्ञापन

- बीजे सिंह, एसपी रुद्रप्रयाग

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात पुलिस कर्मियों को हाई एल्टिट्यूड अलाउंस दिए जाने के प्रस्ताव का पुलिस मुख्यालय के स्तर से परीक्षण कराया जा रहा है। अभी यह देखा जाना बाकी है कि आइटीबीपी और अन्य स्तर पर कितना अलाउंस दिया जा रहा है। यह परीक्षण होने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा हिल अलाउंस पुलिस कर्मियों को दिया ही जा रहा है।
विज्ञापन

- राम सिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक(कानून व्यवस्था)
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें