देहरादून। मानसून में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए तय 15 अक्तूबर की समय सीमा नजदीक है, लेकिन प्रदेश में अभी 3567 किमी सड़कों पर पैचवर्क होना बाकी है। इसमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत आने वाली सड़कों पर काम की रफ्तार धीमी है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा तक काम पूरा करना चुनौती बना हुआ है।
प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश और भूस्खलन से 3559 मार्गों पर कुल 9389 किमी सड़क क्षतिग्रस्त हुई। इनमें लोनिवि, बीआरओ, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्गों के अधीन आने वाली सड़कें शामिल हैं। बारिश थमने के बाद संबंधित एजेंसियों ने पैचवर्क शुरू किया। नौ अक्तूबर तक 5621 किमी सड़कों पर मरम्मत का काम पूरा हो चुका था, जबकि 3567 किमी पर काम बाकी है।
पीएमजीएसवाई की स्थिति सबसे खराब
पीएमजीएसवाई के तहत 876 मार्गों पर 3389 किमी सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। इनमें से अब तक 1416 किमी पर ही पैचवर्क हो पाया है, जो कुल का करीब 41 प्रतिशत है। वहीं, लोनिवि के अधीन क्षतिग्रस्त 4995 किमी सड़कों में से 3692 किमी पर काम पूरा हो चुका है। यह करीब 73.92 प्रतिशत है। राष्ट्रीय राजमार्ग और बीआरओ भी 70 प्रतिशत से अधिक पैचवर्क पूरा कर चुके हैं।
हाल में मौसम खराब होने के साथ बारिश भी हुई है। निर्धारित समय सीमा तक पैचवर्क पूरा करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। - राजेश चंद्र शर्मा, विभागाध्यक्ष, लोनिवि