दो माह पहले जौलीग्रांट अस्पताल में युवती की मौत का सच अब उसकी लाश खोलेगी।
दो माह पूर्व जौलीग्रांट अस्पताल में युवती की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के एक डॉक्टर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने युवती की आंखें और किडनी निकाल ली थी।
इस संबंध में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ डोईवाला थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। शुक्रवार को जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में युवती का शव कब्र से निकाला और जांच के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शक्ति विहार कॉलोनी निवासी शांति देवी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बेटी काजल का उपचार जौलीग्रांट अस्पताल में चल रहा था। उपचार के दौरान ही बेटी की मौत हो गई थी। आरोप है कि उसके बाद जौलीग्रांट के एक डॉक्टर ने उसकी बेटी की आंखें और किडनी निकाल ली थी।
बेटी की मौत से परिवार के सभी लोग दु:खी थे। इसलिए वह उस समय इस बात पर ध्यान नहीं दे पाए। बेटी को शक्तिविहार के श्मशान घाट में दफना दिया गया। बाद में उसकी छोटी बेटी ने चिकित्सक द्वारा किडनी और आंख निकालने की बात बताई गई थी। गंगनहर कोतवाली ने मामले की रिपोर्ट शून्य में दर्ज कर डोईवाला थाने में मामला स्थानांतरण किया था।
मामले की सच्चाई जानने के लिए जिलाधिकारी ने प्रशासनिक और पुलिस टीम की मौजूदगी में कब्र से शव निकाले जाने के आदेश दिए गए थे। शुक्रवार को जिलाधिकारी के आदेश पर तहसीलदार गोपाल सिंह की देखरेख में शव निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में भेज दिया है। शव निकाले जाने और पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी कराई गई है।
मुकदमें की विवेचना कर रहे डोईवाला थाने के एसआई रामनरेश शर्मा भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।