देहरादून के बीचोंबीच स्थित रेलवे स्टेशन के पास एक खंडहर में एक युवक का अधजला शव मिला।
पहचान छिपाने के लिए शव का चेहरा, गर्दन और हाथ जलाए गए हैं। शव चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित रॉयल होटल के बराबर में एक खंडहर है।
गुरुवार शाम 05:20 बजे अधिवक्ता सुबोध कुमार शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम को खंडहर में शव पड़ा होने की सूचना दी। खंडहर से उठती तेज बदबू के बाद लोगों ने यहां शव देखा था। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति, पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह, पुलिस उपाधीक्षक नगर मनोज कत्याल आदि पहुंच गए।
अधजला शव सड़ चुका था। डाग स्क्वायड को लाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस मान रही है कि खंडहर में ही युवक की हत्या की गई। पहचान छिपाने के लिए शव जलाया गया। पुलिस ने शव के आसपास पड़ी ईंटें कब्जे में ले लीं।
विजिटिंग कार्ड से पहचान की उम्मीद
शव के पास कई विजिटिंग कार्ड मिले। अधिकतर कार्ड बैंड वालों, मेहंदी लगाने वालों के हैं। इनमें से कुछ कार्ड दून के लोगों के और कुछ बाहरी जिलों के हैं। मौके से नेपाल का भी एक नोट मिला है। पुलिस उपाधीक्षक मनोज कत्याल ने बताया कि विजिटिंग कार्ड के आधार पर युवक की पहचान की कोशिश की जा रही है।
काटे गए हैं सिर के बाल
युवक के सिर के बाल भी काटे गए हैं। पुलिस ने बताया कि युवक की हत्या के साथ उसके सिर के अलग-अलग हिस्सों से अजीब तरीके से बाल काटे गए हैं। युवक की उम्र 25 से 30 साल के बीच होने का अनुमान है।
कई दिन पुराना शव होने के कारण चोट या अन्य निशान नहीं दिख रहे हैं। शरीर के कई हिस्से जलाए भी गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही पूरा सच सामने आएगा। प्रथमदृष्ट्या लग रहा है कि यह युवक बैंड वालों से जुड़ा रहा हो। वह नेपाली भी प्रतीत हो रहा है।
- अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर
महिला के शव की नहीं पहचान
टपकेश्वर मंदिर के पीछे तमसा नदी में मिले महिला के शव की भी अब तक पहचान नहीं हो सकी। दस दिन पहले पत्थरों के बीच महिला का शव मिला था। पोस्टमार्टम में उसका विसरा संरक्षित किया गया है। पुलिस लावारिस में उसका क्रियाकर्म कर चुकी है।