उत्तराखंड में तलौर के गिरीश राम की हत्या के मामले में पुलिस ने ऐंरठा गांव के त्रिलोक राम को गिरफ्तार किया है।
पिंडर नदी के किनारे 7 दिसंबर को मिला शव
11 नवंबर 2013 को लापता हुए तलौर गांव के गिरीश राम का शव नंदकेशरी में पिंडर नदी के किनारे 7 दिसंबर को मिला था। परिजनों नेगिरीश राम की हत्या की आशंका जताते हुए देवाल पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए सीओ जगदीश यादव ने कहा कि ऐंरठा गांव के त्रिलोक राम ने गिरीश राम की हत्या में शामिल होना स्वीकार किया है। उसने अपने साथ पांच अन्य लोग भी शामिल बताए। शुक्रवार को पुलिस ने त्रिलोक राम को हिरासत में लिया है।
त्रिलोक राम ने बताया कि 11 नवंबर देर शाम को देवाल बाजार से करीब तीन सौ मीटर दूर देवाल-मुंदोली मार्ग पर पांच लोगों ने गिरीश राम की हत्या की।
हत्या के बाद शव को उसी रात घटनास्थल से दो किमी दूर तुनेड़ा (देवसारी) पिंडर नदी पार रेत में दफनाया दिया था। इस पूरे घटनाक्रम में छह लोग थे। पांच अन्य में से मैं कुछ को नहीं जानता हूं।
हत्या का कारण नहीं मालूम
त्रिलोक राम का कहना है कि उसे हत्या का कारण मालूम नहीं है। 11 नवंबर की शाम जब वह अपने घर के लिए जा रहा था, तो चार लोग शव के पास थे और एक ऊपर की तरफ था।
उसने मुझे धमकी दी कि अगर घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे भी मार देंगे। डर के कारण मैं भी उन लोगों के साथ हो गया।
हिरासत में लिए गए युवक ने गिरीश राम की हत्या में पांच लोगों के शामिल होने की बात स्वीकारी है। तहरीर के आधार पर अब मुकदमा धारा 302 में तब्दील कर दिया गया है। जांच थाना थराली प्रभारी को सौंप दी गई है। अन्य को पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
- जगदीश चंद्र यादव सीओ कर्णप्रयाग