एक बहू ने समाज को आइना दिखाते हुए बेटे का फर्ज निभाकर अपनी सास का अंतिम संस्कार किया। यह देखकर श्मशान घाट पर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
कैंट बोर्ड से रिटायर्ड शकुंतला जोशी निवासी डाकरा का निधन बुधवार शाम को हुआ। जोशी का एक बेटा रवि उर्फ बिट्टू जो कि कनाडा में नौकरी करता है लेकिन बहू गीता जोशी यहीं रहती है। बेटी की शादी हो गयी है।
सास की मृत्यु की सूचना पति को दी। मगर पति का कनाडा से अगले दिन आना संभव नहीं था। ऐसे में बहू गीता ने बेटे का फर्ज निभाते हुए सारे क्रियाक्रम किया। बेटा दो दिन बाद घर पहुंचेगा।
बृहस्पतिवार को आसपास के लोगों ने गीता जोशी की मदद करते हुए शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। वहां बहू ने सास को मुखाग्नि दी।
इसके बाद बेटी और दामाद भी श्मशान घाट पहुंचे। बेटी दामाद सहित क्षेत्रवासियों ने मिलकर उनका अंतिम संस्कार किया। इस अवसर पर गुरू प्रसाद तिवारी, अनुराग शर्मा, राजेश वर्मा, रमेश कुकरेती, अरुण शर्मा, दामाद अशोक प्रधान आदि मौजूद रहे।