उसने झूठ बोलकर खजानी देवी को अपनी सौतेली मां बताया था। जुलाई में शिवनारायण नौकरी के लिए मुंबई चला गया और शिल्पा ने भी नौकरी छोड़ दी हालांकि दोनों के बीच संपर्क बना रहा। कुछ समय बाद शिल्पा ने उसे बताया कि उसकी मां फिर जमीन बेच रही है। इसके बाद दोनों ने खजानी देवी की हत्या कर जमीन बेचने और वहां से दूर चले जाने की योजना बनाई।
शिवनारायण पर लाखों रुपये का कर्ज था। पूछताछ में उसके द्वारा कर्ज चुकाने के लिए इस योजना में शामिल होने की बात बताई गई है। घटना के दिन दोपहर में शिवनारायण और शिल्पा, खजानी देवी के कमरे पर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, उस समय पड़ोस में पूजा-पाठ होने के कारण काफी शोर था। पूछताछ में शिवनारायण ने बताया कि उसने पहले खजानी देवी का गला दबाया और फिर उनका सिर पानी की बाल्टी में डुबो दिया। इसके बाद दोनों ने बाहर से ताला लगाया और वहां से चले गए।