मानसूनी बारिश की रफ्तार तेज होने से कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की जान को खतरा बना हुआ है। यात्रा मार्ग पर गाला से बूंदी के बीच बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं।
आईटीबीपी की रेस्क्यू टीम के जवानों की मदद से यात्री इन नालों को पार कर रहे हैं। शुक्रवार को गाला से बूंदी जाते समय आठवें दल के सदस्यों को चार नाले पार करने पड़े।
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस सातवीं वाहिनी मुख्यालय में स्थित कैलाश मानसरोवर यात्रा के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार कैलाश परिक्रमा पूरी करने के बाद पांचवें दल के सदस्य शुक्रवार सुबह लिपुलेख दर्रा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गए हैं।
शुक्रवार को यह दल गुंजी में रुक गया है। वहीं, शुक्रवार को ही सातवें दल के सदस्यों ने लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश किया। सातवें दल के यात्री शुक्रवार को तकलाकोट में रुके हैं।
छठे दल के सदस्य तिब्बत में कैलाश पर्वत की परिक्रमा करते हुए शुक्रवार को ज्योग्जूबू नामक स्थान पर पहुंचे हैं। आठवें दल के सदस्यों ने गाला से बूंदी तक का सफर पूरा किया। कैलाश यात्रियों के चार दल यात्रा पूरी कर दिल्ली लौट चुके हैं। इस बार यात्रा पर कुल 18 दलों के जाने का कार्यक्रम है।