फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल में खौफ, न जाने कब ऊपर से टपक पड़े मौत

Sun, 16 Apr 2017 12:57 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
high tension line - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
देहरादून में 50 से अधिक मोहल्लों के लोग जब घर से बाहर निकलते हैं तो उन्हें डर लगता है कि कहीं हाईटेंशन लाइन टूट कर गिर न जाए।
विज्ञापन


हादसे हो भी चुके हैं, लेकिन सुस्ती और लापरवाही की वजह से तारों की गार्डिंग यूपीसीएल और पिटकुल अभी तक नहीं कर पाया। विद्युत सुरक्षा विभाग इस संबंध में बार-बार ऊर्जा निगमों को आगाह भी कर रहा है। कई स्थानों पर विद्युत लाइनों को अंडर ग्राउंड किए जाने की योजना भी धरातल पर नहीं उतरी। जब तक लाइनों की गार्डिंग नहीं होती खतरा बना रहेगा। आंधी-तूफान में खतरा और बढ़ जाता है।

उत्तराखंड ऊर्जा सुरक्षा विभाग हादसों को लेकर कई बार आशंका जता चुका है। पावर कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) को खतरों पर आगाह भी कर चुका है। इसके बावजूद ऊर्जा के निगमों की उदासीनता सवालों के घेरे में है। विद्युत सुरक्षा विभाग के जोनल सुरक्षा अधिकारी (गढ़वाल) आरपी कोटनाला ने बताया कि पिटकुल और यूपीसीएल को कई बार आगाह किया जा चुका है। लेकिन जिस तरह गार्डिंग का कार्य होना चाहिए, उस हिसाब से हो नहीं रहा है। 
विज्ञापन


क्या होती है गार्डिंग 
सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, भीड़भाड़ वाले स्थानों, नदी, सड़क आदि जगहों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के नीचे गार्डिंग (विद्युत तारों का जाल) करने का प्रावधान है। हाईटेंशन लाइन टूटकर गार्डिंग के ऊपर गिरेगी। गार्डिंग में अर्थिंग होने से लाइन ट्रिप होते ही संबंधित बिजली घर से विद्युत आपूर्ति बंद हो जाएगी और दुर्घटना टल जाएगी।

प्रदेश में यहां भी है हालत बदतर
पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, चंपावत, चंबा, ऋषिकेश, देहरादून, हल्द्वानी, ऊधमसिंह नगर आदि क्षेत्रों में भी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हैं। इन स्थानों पर भी हाईटेंशन लाइनों की गार्डिंग नहीं हुई हैं। प्रदेश में कई जगह तो रेलवे लाइनों के ऊपर से भी बिना गार्डिंग की हाइटेंशन लाइनें गुजर रही हैं।

पूर्व में हुई चुकी हैं दुर्घटनाएं
केस वन: 23 दिसंबर 2015 को पौंधा रोड पर बच्चों से भरी स्कूल बस के ऊपर हाईटेंशन लाइन गिरने से बस में करंट दौड़ गया। बड़ी घटना होने से बची।
केस टू: करीब डेढ़ साल पहले ब्रह्मपुरी में छत पर मोबाइल पर बात करते वक्त हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई। 
केस थ्री: जुलाई 2014 में नारायण विहार में हाईटेंशन लाइन से युवक झुलस गया था। 

यहां अंडर ग्राउंड हुई लाइन
राजपुर रोड पर घंटाघर से क्वालिटी चौक तक लाइनों को अंडर ग्राउंड किया जा चुका है। इसी तरह, मसूरी के माल रोड पर भी हाईटेंशन लाइनों को अंडर ग्राउंड किया गया है। यह कार्य एमडीडीए के सहयोग से किया गया है।

यहां जल्द होगा अंडर ग्राउंड का कार्य
बिंदाल स्थित 132 केवी सब स्टेशन से दिलाराम बाजार तक हाईटेंशन लाइन को जल्द ही अंडर ग्राउंड किया जाना है। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा माजरा सब स्टेशन से हरिद्वार बाइपास होते हुए आराघर सब स्टेशन तक भी हाईटेंशन लाइन को जल्द अंडर ग्राउंड करने की योजना है।

इन स्थानों में से शिफ्ट हुई हाईटेंशन लाइन
ब्रह्मपुरी, चमनपुरी, महबूब कॉलोनी, नकरौंदा, माजरी, बंजारावाला, अजबपुर, आईएसबीटी, हरिद्वार बाईपास से लगते कुछ हिस्सों से हाईटेंशन लाइनों को शिफ्ट किया गया है। कई जगह इनकी भी ऊंचाई बढ़ाई गई है।

यहां अब भी है खतरा
ब्रह्मपुरी, चमनपुरी, रायपुर, रायपुर रिंग रोड, नेहरू कॉलोनी रिंग रोड, दीपनगर, नेहरू कॉलोनी, देहराखास, टीएचडीसी कॉलोनी, अजबपुर, हरिद्वार बाईपास, नकरौंदा, माजरी, मोहकमपुर, प्रेमनगर, पौंधा, स्मिथनगर, शिवपुरी, पितंबर, बनियावाला, गोरखपुर समेत दून के कई क्षेत्रों में हाईटेंशन लाइन खतरा बनी हुई हैं।

नहीं सुलझा पलटन बाजार का मसला
दून में कई जगह आबादी वाले क्षेत्रों से गुजर रही लो टेंशन लाइनें भी आमजन के जीवन के लिए खतरा बनी हैं। शहर के सबसे व्यस्ततम पलटन बाजार में भी यही स्थिति है। बाजार के ऊपर से विद्युत तारों का जाल निकल रहा है। जबकि, कुछ जगह तो बाजार में विद्युत तारें भवनों को छूकर भी जा रही हैं। पलटन बाजार में शहर कोतवाली से घंटाघर तक विद्युत लाइनों को अंडर ग्राउंड करने की योजना थी। करीब पांच साल पहले यूपीसीएल ने यहां लाइनों को अंडर ग्राउंड करने की योजना भी बनाई थी, लेकिन वह परवान नहीं चढ़ पाई। यूपीसीएल अधिकारियों का कहना है कि बाजार में ट्रांसफार्मर रखने के लिए जगह नहीं मिलने से वहां लाइन अंडर ग्राउंड नहीं हो पाईं।
विज्ञापन


‘कुछ जगह लाइनों को शिफ्ट किया गया है। कुछ जगह अंडर ग्राउंड का कार्य भी हुआ है। जहां-जहां हाईटेंशन लाइनों से खतरे की आशंका है, वह चिह्नित किए जा रहे हैं। जहां जरूरत होगी वहां गार्डिंग भी की जाएगी।’
- पीसी ध्यानी निदेशक (मानव संसाधन) एवं प्रवक्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें