कोरोना की दूसरी लहर अभी थमी नहीं और प्रधानमंत्री ने चेताया भी.. हाईकोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार जब तक सख्ती बरतती, देशभर से पर्यटकों का रेला कोविड गाइडलाइंस को दरकिनार कर उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की ओर उमड़ पड़ा। प्रदेश के बॉर्डर पर आसानी से एंट्री मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने पर्यटन स्थलों से पहले चेकपोस्ट पर पर्यटकों को जांच के लिए रोका तो जाम के अभूतपूर्व हालात पैदा हो गए।
निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट, स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण और होटल की बुकिंग की जांच में उलझे पर्यटकों का पूरा दिन सड़कों पर ही बीत गया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की तो हर जगह धज्जियां उड़ाईं गईं। पर्यटकों में न तो कोरोना संक्रमण का डर दिखा और न ही प्रधानमंत्री की अपील का असर , वे तो जाम में भी सड़क किनारे पार्टी करते दिखे।
बीते दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही कोरोना की दूसरी लहर के प्रति जनता को आगाह किया था। इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकार की लगातार दी जा रही पर्यटन संबंधी ढील पर संक्रमण के रोकथाम के उपायों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे। इस पर प्रदेश सरकार पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट और स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की अनिवार्यता लागू कर दी लेकिन प्रदेश में एंट्री पर सख्ती नहीं बरती।
लिहाजा शनिवार को दिन निकलते ही हर तरफ से पर्यटकों का रेला उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों की ओर बढ़ने लगा। ऐसे में जब पर्यटन स्थलों से ऐन पहले चेकपोस्ट पर जांच के लिए पर्यटकों को रोका गया तो दोपहर तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
हरिद्वार--- खचाखच भर गई हरकी पैड़ी
हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों की भीड़ हरिद्वार में टूट पड़ी। कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं। हर तरफ अव्यवस्था रही। सुबह 11 बजे तक हरकी पैड़ी एवं आसपास के घाटों पर जबरदस्त भीड़ रही। दोपहर दो बजे तक हरकी पैड़ी एवं आसपास के पार्किंग फुल हो गए। यात्रियों को वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करना पड़ा। हरकी पैड़ी के अलावा गोविंदपुरी, प्रेमनगर, ओमपुल घाट पर यात्रियों की भारी भीड़ रही।
मसूरी---दो हजार पर्यटकों को लौटाया
देहरादून । पुलिस ने उन्हीं लोगों को मूसरी जाने दिया जिनके पास नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट, स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर पंजीकरण और होटल की बुकिंग के कागजात पूरे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की ओर से कोठालगेट, किमाड़ी, सहस्त्रधारा से पहले बैरियर लगाए गए थे। दिन चढ़ने के साथ वाहनों का तांता लगने लगा और देखते ही देखते जाम मसूरी डाइवर्जन तक पहुंच गया। कागज पूरे न होने पर करीब 1500 चौपहिया और 500 से अधिक दोपहिया वाहनों को लौटाया गया।
कैंपटी फॉल---सिर्फ 30 मिनट का दिया गया वक्त
मसूरी। टिहरी गढ़वाल सीमा में स्थित कैंपटी फॉल में नहाने और घूमने के लिए सिर्फ 50 लोगों को आधे घंटे (30 मिनट) का वक्त दिया गया। इसके लिए पुलिस ने टोकन व्यवस्था की। आधा घंटा होते ही पुलिस का सायरन बजा और सैलानियों को निकाल कर दूसरा दल भेजा गया। इस दौरान 40 सैलानियों के बिना मास्क का चालान किया । आठ सैलानियों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की। शनिवार को करीब तीन हजार पर्यटक कैंपटी फॉल में पहुंचे। इनमें 200 वाहनों को वापस भेजा गया। इन लोगों के पास कोविड जांच और अन्य जरूरी कागजात नहीं थे।
सहस्त्रधारा- बैरियर पर रोका, हजार वाहन लौटाए
सहस्त्रधारा में अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए पुलिस की ओर से दो जगह बैरियर लगाए गए। एक शहर से आने वालों वाहनों की चेकिंग के लिए दूसरा मालदेवता से आने वाले वाहनों की चेकिंग के लिए। उधर आशारोड़ी पर भी पुलिस जांच के बाद ही दूसरे राज्यों के पर्यटकों को शहर में प्रवेश दिया गया। जबकि कोरोना गाइडलाइन से संबंधित कागज पूरे न होने पर पुलिस की ओर से करीब एक हजार से अधिक वाहनों को लौटाया गया।
नैनीताल---दोपहिया वाहन सवारों को एंट्री नहीं मिली
नैनीताल। दिनभर में करीब 14 हजार सैलानी नैनीताल पहुंचे। बाहर से आने वाले दोपहिया वाहनों को नगर में नहीं आने दिया गया। दोपहिया से आए सैलानी शटल सेवा से नगर में पहुंचे। उन्हीं सैलानियों के वाहनों को शहर में आने दिया गया, जिनके पास होटल बुकिंग की रसीदें थीं। हल्द्वानी से आने वाले सैलानियों के वाहनों को रूसी बाईपास और कालाढूंगी से आने वाले वाहनों को नारायण नगर में बनाए अस्थायी पार्किंग स्थलों पर रोका जाने लगा था। नारायण नगर में बनाई गई अस्थायी पार्किंग के पैक होते ही अधिकारियों ने रूसी बाईपास के दूसरे छोर में कालाढूंगी रोड पर खाली पड़ी भूमि पर सैलानियों के वाहनों को खड़ा कराया। नगर के भीतर स्थित डीएसए मैदान, मैट्रोपोल, सूखाताल पार्किंग समेत अन्य सभी छोटे पार्किंग स्थल भी वाहनों से भरे नजर आए।
ऋषिकेश---सैलानियों की भीड़ से राजमार्ग पर दिनभर वाहनों की लंबी लाइन
दिनभर वाहनों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए। होटल, कैंप भी पर्यटकों से पैक हो गए हैं। नेपाली फार्म से लेकर श्यामपुर, नटराज चौक, कोयलघाटी, चंद्रभागापुल, कैलासगेट, मुनिकीरेती, शिवानंद गेट, तपोवन तक दिनभर वाहन रेंग-रेंगकर चलते रहे। वाहनों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन को श्यामपुर बाइपास से नटराज चौक होते हुए भद्रकाली चौराहे से सीधे तपोवन के लिए मार्ग को परिवर्तित करना पड़ा। कुछ वाहनों को मुनिकीरेती पीडब्ल्यूडी तिराहे से डायवर्ट करना पड़ा।
दो सगे भाई समेत तीन युवक गंगा में डूबे, दो के शव बरामद
शिवपुरी स्थित यूसुफ बीच में पांच दोस्तों के साथ गंगा में स्नान कर रहे दो सगे भाई समेत तीन युवक गंगा की तेज धाराओं में बह गए। पुलिस और एसडीआरएफ ने कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों का शव बरामद किए जबकि एक युवक का कुछ पता नहीं चला। मृतकों की पहचान दीपक कुमार शर्मा (38) पुत्र देवीदयाल शर्मा, राजीव कुमार शर्मा (32) पुत्र देवीदयाल शर्मा, निवासी अंकित विहार, पंचेडा रोड निकट अनिल विधायक, नई मंडी मुजफ्फरनगर के रूप में हुई। आदित्य देव (36) पुत्र ज्ञानप्रकाश मकान नंबर 2047, संतोष विहार, सिविल लाइन मुजफ्फरनगर का पता नहीं चल सका।