राजधानी देहरादून में सीवर लाइन की खुदाई रेस्ट कैंप के लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। पेयजल निगम ने जनता को पहले सूचना दिए बिना खुदाई शुरू कर दी। अब 15 दिन से लोग घरों से निकल नहीं पा रहे। जरूरी काम से आ भी रहे हैं तो गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
सुबह जगे तो गड्ढे मिले
रेस्ट कैंप में 15 दिन पूर्व खुदाई शुरू की गई थी। सोमवार को निगम के अधिशासी अभियंता एम हसन मौके पर पहुंचे तो लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासी और बन्नू स्कूल की प्रधानाचार्य राजलक्ष्मी सक्सेना ने कहा कि लोग रात को सोए तो सड़क ठीक थी, सुबह जगे तो इसकी जगह गड्ढे मिले।
अब लोगों के वाहन घरों से निकल नहीं पा रहे। जरूरी काम या आपात स्थिति में आटो का इंतजार करना पड़ रहा है। अफसर पहले बता देते तो वाहन तो बाहर कर लेते। इस दौरान हसन की मौजूदगी में ही घर से निकली एक महिला गड्ढे में जा गिरी तो लोग और भड़क गए।
बिना प्लानिंग के खुदाई
रीना वर्मा ने कहा कि बिना प्लानिंग के खुदाई की जा रही है। कहीं रास्ता नहीं छोड़ा है। किरन विरमानी, ऊषा सिंघल, उमा चोपड़ा ने कहा कि 15 दिन से सड़क खुदी पड़ी है। विभाग कम से कम इसे चलने लायक तो बनाए। इस दौरान स्थानीय पार्षद राजकुमार कक्कड़ मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उनसे भी नाराजगी जताई। पार्षद ने लोगों की बात को जायज बताते हुए ईई से समस्या के निस्तारण के लिए कहा।
जो आ रहा, सड़क खोद रहा
डालनवाला क्षेत्र के लोग परेशान हैं। यहां एक साल पहले बनी सड़क को कई बार खोद दिया गया है। खुदाई के कारण क्षेत्र में नलों से सीवर का पानी आने लगा है। क्षेत्रवासी डा. महेश भंडारी ने बताया कि इन दिनों रिलायंस, आइडिया वाले खुदाई करवा रहे हैं।
इसके अलावा सीवर लाइन की भी खुदाई चल रही है। कभी भी कोई भी आता है और सड़क खोदकर चला जाता है। कैप्टन वीएस पुंडीर ने बताया कि रोड खुदाई के कारण लोगों के घरों में गंदा पानी आ रहा है। एचएस चड्डा ने कहा कि कुल मिलाकर झेलना आम जनता को ही पड़ता है।