अब फिर से मुख्य सचिव स्तर से सभी महकमों को पत्र लिखा जा रहा है। इधर, ईपीएफओ ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईपीएफओ सरकारी महकमों में कार्यरत आउटसोर्स, दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की संख्या, काम करने की अवधि आदि का डाटा जुटा रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों को भी पत्र लिखकर पीएफ जमा करने की अपील की जा रही है।
नियमानुसार सरकारी विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, आउटसोर्स कर्मियों का भी पीएफ जमा करना चाहिए, जो नहीं हो रहा है। अब इन कर्मियों को पीएफ के दायरे में लाने के लिए तैयारी की जाएगी।
- आशीष कुमार, क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ कुमाऊं
सूबे में सभी सरकारी महकमों में वन, बिजली, जलसंस्थान, बीएसएनएल, ईपीएफओ समेत कई विभागों में ऐसे कर्मी काम करते हैं। उनको सिर्फ वेतन मिलता है लेकिन पीएफ का लाभ नहीं मिल पाता है।
कर्मियों को होंगे ये फायदे
- दस साल तक काम करने पर पेंशन का लाभ
- अधिकतम 6.30 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा
- पीएफ की निश्चित राशि हर माह बतौर बचत जमा होगी