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साइबर ठगी: हेलो...तुमने एस्कॉर्ट सर्विस से लड़की बुलाई है क्या? आईटी कर्मचारी बोला- हां, जानिए इसके बाद क्या हुआ

Fri, 15 Apr 2022 08:31 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

आईटी कर्मचारी ने एक वेबसाइट देखी और वहां मिले लिंक पर एस्कॉर्ट सर्विस के रूप में युवती बुलवाने के लिए संपर्क किया। कर्मचारी ने 550 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके बाद उन्हें कुछ युवतियों की फोटो भेजकर एक को पसंद करने को कहा गया और फिर वह साइबर ठगों के बिछाए जाल में फंसता चला गया।
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ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक आईटी कर्मचारी ही साइबर ठगों के जाल में फंस गया। उसने ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस के चक्कर में चार लाख ज्यादा रुपये गंवा दिए। साइबर ठगों ने खुद को पुलिस वाला बताकर ब्लैकमेल किया। जांच के बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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आईटी कर्मचारी के साइबर ठगी का शिकार होने का मामला सामने आया है। अभिषेक गुप्ता निवासी ओल्ड नेहरू कॉलोनी ने सात फरवरी को इंटरनेट पर एक वेबसाइट देखी। वहां मिले लिंक पर एस्कॉर्ट सर्विस के रूप में युवती बुलवाने के लिए संपर्क किया।

इसके बाद अभिषेक वेबसाइट पर एक के बाद जानकारी देता रहे। सर्विस के लिए पहले भुगतान करने के लिए कहा गया। जिस पर अभिषेक ने 550 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया। इसके बाद कुछ युवतियों की फोटो भेजकर उसे एक को पसंद करने को कहा गया। जैसा -जैसा करने को कहा गया आईटी कर्मचारी साइबर ठगों के अनुसार जानकारी देता चला गया। 

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होटल में बुलाया पर सर्विस नहीं मिली

बातचीत के बाद कर्मचारी  को ईसी रोड स्थित एक होटल में बुलाया गया। मौके पर पहुंचने पर वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद कॉल कर उनसे कुछ और रकम जमा कराने को कहा गया। अभिषेक ने यह रकम भी दे दी। इसके बाद भी सर्विस नहीं मिली तो वे घर चले गए। नौ मार्च को उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। 
 

युवती खरीदने का केस दर्ज कहकर डराया

ठगों ने अभिषेक को पुलिस वाला बनकर कॉल की। डराया गया कि उनके खिलाफ जयपुर में युवती खरीदने का केस दर्ज होने वाला है। इसके लिए भुगतान का प्रूफ होने की बात कही। उसने पीड़ित से मामला शांत कराने के नाम पर 90 हजार रुपये मांगे। उसके बताए खाते में पीड़ित ने रकम भेज दी।


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खुद को साइबर सेल का अधिकारी बताकर ली रकम

जालसाजों ने फिर कॉल की और खुद को साइबर सेल का अधिकारी बताकर रकम ली। 4.03 लाख रुपये देने के बाद उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर दी। इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। बताया कि साइबर ठगों से सावधान रहने की बहुत जरूरत है। 
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आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मोबाइल नंबर और जिन खातों में रकम डाली गई है, उनकी जानकारी जुटाकर आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी को लेकर सर्तक रहने की अपील की। बिना जानकारी के किसी भी वेबसाइट पर जाने से बचने के लिए कहा। 
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