लकवे का भी बढ़ सकता है खतरा
चिकित्सक डॉ. कुमार के अनुसार शहद में मौजूद बैक्टीरिया नवजातों की आंतों में जाकर जहरीले पदार्थ बनाते हैं। यह जहर शिशु की नसों पर हमला करता है। इससे उसकी मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इससे नवजात में लकवा का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही श्वसन तंत्र भी प्रभावित होता है। संक्रमण के बाद आंतों की गतिशीलता पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। -----
लक्षण
- बच्चे का कमजोर तरीके से रोना
- मांसपेशियों में कमजोरी
- पलकें झुकना
- चेहरे की अभिव्यक्ति में कमी
- दूध और पानी को कमजोर तरीके से चूसना
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बचाव के उपाय
1- नवजात को शहद न खिलाएं।
2- चिकित्सकीय सलाह से तुरंत एंटीटॉक्सिन लें।
3- उन्हें सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं।