अगर घर में आग लग जाए तो सबसे पहले इसकी चपेट में आने वाला पर्दा ही अब इससे बचाने का काम करेगा। कैसे? जानने के लिए पढ़ें...
सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के विशेषज्ञों ने आग से बचने के लिए यह खास पर्दा तैयार किया है। शनिवार को इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स की ओर से शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला में इसके बारे में बताया गया।
देहरादून के सहारनपुर रोड स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स में ‘उद्योग, इमारत, वनों में आग और इससे बचाव’ विषय पर कार्यशाला का उद्घाटन वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने किया।
इसमें बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे सीबीआरआई के फायर रिसर्च विभाग के एचओडी डॉ. सुबिर सिंह ने बताया कि आग से इमारतों को बचाने के लिए लगातार शोध कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने ग्लास टेक्नोलॉजी का जिक्र किया, जिससे आग के नुकसान से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने एक ऐसा पर्दा बनाया है, जो बहुत ज्यादा तापमान में भी नहीं जलता है। इससे आग के फैलाव को रोकने का काम किया जा सकता है।
वनों को आग से बचाने का पुख्ता इंतजाम
कार्यशाला में वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में वनों को आग से बचाने के पुख्ता इंतजाम हैं। इसे और मजबूत करने के लिए तकनीकी सहायता ली जाए।
पूर्व प्रमुख वन संरक्षक आरबीएस रावत ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए ऐसा तंत्र बनाया गया है कि आग की सूचना सभी अधिकारियों के मोबाइल पर उपलब्ध हो जाती है।
इंस्टीट्यूट के सिविल इंजीनियरिंग डिवीजन के चेयरमैन नरेंद्र सिंह ने आपदा प्रबंधन जागरूकता और प्रबंधन सेल के तहत होने वाली भावी गतिविधियों की जानकारी दी।
आईजी फायर जीसी पंत ने पुलिस विभाग की आग से बचाव की पूर्व तैयारियों की जानकारी दी। कार्यशाला में फायर सर्विस और नागरिक सुरक्षा दल ने आग से बचाव के तरीकों का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर इंजीनियर डीसी गुप्ता, डॉ. एस फारूख, वन निगम एमडी श्रीकांत चंदोला, इंजीनियर एससी गोयल, इंजीनियर सीएम डिमरी, इंजीनियर अनंत भाष्कर गर्ग सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।