एक ओर केंद्र सरकार ने छोटे डाकघरों तक भी नोट बदलने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए तो दूसरी ही दिन राजधानी के डाकघरों में कैश बदलने की व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई।
सुबह से लंबी लाइनों में लगे लोग डाकघर में पैसा न होने से दोपहर तक निराश होकर लौट गए। अब बुधवार को भी कैश मिलने की उम्मीदें कम ही हैं।
घंटाघर स्थित डाकघर में सुबह से लोगों की लंबी कतार नोट बदलने के लिए लगी थी। डाकघर के अधिकारी बैंक चेस्ट से पैसा लेने के लिए सुबह 9:30 बजे चले गए थे।
डाकघर को उम्मीद थी कि एक घंटे में कैश आ जाएगा लेकिन काफी देर तक पैसा नहीं आया तो लाइन में लगे लोग निराश होकर लौट गए। कई लोगों का कहना था कि सरकार ने साफ कहा था कि सभी डाकघरों में पैसा मिलेगा लेकिन यहां तो मुख्य डाकघर में ही कैश नहीं है, गली मोहल्लों के छोटे डाकघरों से तो पैसा क्या मिलेगा।
लगातार कैश मंगाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन चेस्ट से पैसा ही नहीं मिल पा रहा है। अगर समय से कैश मिला तो ही बुधवार को ग्राहकों को पैसा उपलब्ध कराया जाएगा।
- जेपी सेमवाल, सीनियर पोस्ट मास्टर