- कुराड़ और सिचाड़ गांवों ने विवाह समारोहों में सादगी अपनाने का लिया निर्णय
- अंग्रेजी शराब और फास्ट फूड पर प्रतिबंध, सामाजिक बहिष्कार का भी फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चकराता। विकासखंड के कुराड़ और सिचाड़ गांवों के ग्रामीणों ने शादी-विवाह में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने के लिए अहम पहल की है। दोनों गांवों की सामूहिक बैठक में विवाह समारोहों और सामाजिक रीति-रिवाजों को सरल बनाने के लिए कई नियम तय किए गए। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ दोनों गांवों में सामाजिक बहिष्कार करने का भी फैसला लिया गया।
स्याणा मातबर सिंह कुराड़ और स्याणा राजेंद्र सिंह सिचाड़ के नेतृत्व में आयोजित बैठक में तय किया गया कि शादी समारोहों में महिलाएं केवल मंगलसूत्र, नाक में फुल्ली और कानों में झुमके पहनकर शामिल होंगी। विवाह समारोहों में अंग्रेजी शराब और फास्ट फूड पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ग्रामीणों ने इन नियमों को सामाजिक सादगी और परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। बैठक में मेहर सिंह, अमर सिंह, यशपाल, दिनेश चौहान, वीरेंद्र सिंह, खजान सिंह, शूरवीर, अनिल और गुड्डू सहित दोनों गांवों के अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
भांजे की शादी में एक बकरा, बेटी के विवाह में पांच बर्तन
बैठक में निर्णय लिया गया कि भांजे की शादी में मामा पक्ष की ओर से केवल एक बकरा दिया जाएगा। वहीं, लड़की की शादी में पांच बर्तन यानी पंच बन्डियाई देने की परंपरा निर्धारित नियमों के अनुसार निभाई जाएगी। महिलाओं को चांदी के सिक्के देने की परंपरा भी प्रतिबंधित की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पहल से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और विवाह समारोहों में सादगी को बढ़ावा मिलेगा।