प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड डे मील) में तीन करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला करने वाले उपनल कर्मी नवीन सिंह रावत ने अपनी पढ़ाई का गलत इस्तेमाल किया। 35 वर्षीय नवीन ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है। बताया जा रहा है कि उसे तकनीकी ज्ञान था जिसका उसने गलत इस्तेमाल किया।
मामले में सोमवार को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरा मामला जाना। साथ ही उच्च स्तरीय कमेटी को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग में हुए इस घोटाले के दो सवाल अधिकारियों को परेशान कर रहे हैं। पहला नवीन ने किसके साथ मिलकर इतना बड़ा घोटाला किया और घोटाले की रकम कहां पहुंचाई। इन सवालों के बीच विभाग के अन्य कर्मचारियों के साथ बैंककर्मियों पर भी शक की सुई घूम रही है। उधर मंत्री रावत ने योजना के संचालन के लिए विभाग की ओर से संचालित केनरा बैंक शाखा, राजपुर रोड़ के खाते को भी हटाने और जांच में सहयोग न करने पर बैंक को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के एक अधिकारी ने बताया, नवीन ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है और उसी पढ़ाई का गलत इस्तेमाल कर इतना बड़ा घोटाला किया। इतना ही इस पूरे घोटाले में किसी गैंग के शामिल होने की भी आशंका है।
शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई है। बैठक में मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कुछ निर्देश दिए हैं। साथ ही जांच को दो सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उधर पुलिस में भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। विभाग की उच्च स्तरीय कमेटी भी जांच कर रही है। शासकीय धन की वसूली करवाने के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - प्रेम लाल भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक)