जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के पहाड़ी अंचलों में बीते दो माह में नाम मात्र की बारिश हुई है। इसका असर अब धनिया, मिर्च, अदरक और गागली की फसलों पर नजर आने लगा है। पानी की कमी के चलते पौधे पीले पड़ने लगे हैं जो कुछ ही दिन में पूरी तरह से मुरझा रहे हैं।
पर्याप्त मात्रा में फसलों की सिंचाई न होने से काश्तकारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच आई हैं। उन्हें आर्थिक नुकसान का भय सताने लगा है। स्थानीय किसान बलवीर सिंह पंवार, कृपाल सिंह, चमन सिंह बिष्ट, भीम सिंह चौहान, प्रेम दास वर्मा आदि का कहना है कि पर्याप्त बारिश न होने से किसान खासे मायूस और चिंतित हैं। इन दिनों किसानों ने खेतों में धनिया, मिर्च, अदरक और गागली की फसलें लगाई हुई हैं, जो पानी के अभाव में पीली पड़ने लगी हैं। जिसका सीधा असर भविष्य में फसल उत्पादन पर पड़ना तय है। कम बारिश होने से जमीन में पर्याप्त मात्रा में नमी मौजूद नहीं है। इसके चलते पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगी है।
वहीं, उद्यान विभाग साहिया के प्रभारी डॉ. राम कुमार का कहना है कि वास्तव में बरसात न होने से फसलों पर खासा असर पड़ा है। इसकी रिपोर्ट शासन स्तर पर हर महीने भेजी जा रही है। इस माह में बारिश की अत्यधिक आवश्यकता होती है, लेकिन बारिश नहीं होने से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।