लक्सर क्षेत्र के ग्राम खेड़ी खुर्द स्थित मदरसे में बुधवार को मगरमच्छ घुसने से डेढ़ घंटे तक करीब दो सौ छात्रों और शिक्षकों की जान सांसत में फंसी रही।
उन्होंने छत पर चढ़कर अपनी जान बचाई। बाद में पथराव के बाद मगरमच्छ गया तो सभी ने राहत की सांस ली।
मचा हड़कंप
खेडीखुर्द गांव स्थित मदरसे में सुबह करीब दस बजे रोजमर्रा की तरह कक्षाएं चल रही थी। अचानक एक मगरमच्छ मदरसे में घुस आया और बरामदे तक पहुंच गया।
कुछ बच्चों की नजर पड़ी तो वे शोर मचाते हुए बचने के लिए इधर-उधर दौड़े और छत पर चढ़ गए। शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने मगर को भगाया
शोर सुनकर ग्रामीण भी मदरसे की तरफ दोड़े लेकिन कोई भी मगरमच्छ के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
करीब डेढ़ घंटे तक चली गहमा-गहमी के दौरान छात्रों और ग्रामीणों ने पत्थर फेंककर मगरमच्छ को भगाया। उसके जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली।
गांव के तालाब में है कई दिनों से
मदरसे के कारी गुलजार अहमद ने बताया कि पिछले कई दिनों से मगरमच्छ गांव के पास स्थित एक तालाब में दिख रहा है। कई बार पहले भी उसके गांव की गलियों तक पहुंचने की सूचना मिली लेकिन आज वह मदरसे में ही घुस आया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस भी गांव में मगरमच्छ की सूचना मिलती है उसे पकड़ा जाता है। इस बारे में भी अब कार्रवाई की जाएगी।