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'पापा अब खूब शराब पीना, मैं दुनिया छोड़ रहा हूं'

Fri, 17 Apr 2015 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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‘पापा खूब शराब पीना कभी मना नहीं करूंगा, जय माता दी’। सुसाइड नोट में यह लिखकर हिमांशु ने जिंदगी से नाता तोड़ दिया और फांसी के फंदे पर झूल गया।
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पिता से बेपनाह मोहब्बत करने वाला हिमांशु पिता के शराब पीने की आदत से बेहद परेशान था। वह कई बार पिता को शराब पीने से मना कर चुका था, लेकिन कोई असर नहीं हुआ, आखिरकार उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

अल्मोड़ा जिले के जाख सौड़ा कपड़खान निवासी नवीन तिवारी का पुत्र हिमांशु तिवारी उर्फ सोनू (19) शहर में एक टेंट हाउस में काम करता था। वह कैनाल रोड निवासी बंशीधर तिवारी के मकान में किराए का कमरा लेकर अकेले रहता था। दो दिन पहले उसके पिता कमरे में आए और एक दिन रहने के बाद गुरुवार को गांव चले गए।
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शुक्रवार सुबह देर रात कमरा नहीं खुलने पर मकान मालिक ने सोनू को आवाज दी। अंदर से कोई उत्तर नहीं मिलने पर मकान मालिक के परिजनों को भी शक हुआ।

उन्होंने इसकी सूचना काठगोदाम पुलिस को दी। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़ी तो अंदर लकड़ी की कड़ी में सोनू की गर्दन लटक रही थी। पुलिस ने उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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पिता के नाम लिखा मार्मिक सुसाइड नोट

पुलिस ने बिस्तर पर रखे दो पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें सोनू ने लिखा था कि जब आदमी खुद से परेशान हो जाता है तो उसके पास जीने का कोई चारा नहीं होता है। इंसान को दो चीजों की जरूरत होती है। पहला पढ़ाई और दूसरा पैसा।

दरअसल दो दिन पहले सोनू के पिता उसके कमरे में आए थे। उस समय बेटे के मना करने के बावजूद उन्होंने शराब पी। पिता गुरुवार को गांव चले गए। इसके बाद सोनू ने सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में हिमांशु ने ‘जा रहा हूं इस महफिल से आप की इनायत है’ गाने की लाइन भी लिखी है।

पुलिस पूछताछ से पता चला कि सोनू के दो भाई और एक बहन है। पिता की हरकत से तंग आकर उसकी मां बड़े बेटे को साथ लेकर 12 साल पहले अन्यत्र चली गई। सोनू हल्द्वानी आ गया और एक भाई और एक बहन पिता के साथ गांव में रहते हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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शनि ग्रह के चलते जाप करना चाहता था

फांसी लगाकर जान देने वाले हिमांशु को न तो पिता से अच्छी परवरिश मिल पाई और न ही मां का भरपूर प्यार। हिमांशु की बुआ दीपा भट्ट भी कैनाल रोड में ही परिवार के साथ रहती हैं, लेकिन वह बुआ के घर रहने के बजाय अकेले कमरा लेकर रहता था। गुरुवार को उसने बुआ दीपा से इच्छा जताई कि वह कमरे के पास मैदान में बैठकर जाप करना चाहता है। शनि ग्रह से उसे काफी दिक्कतें हो रही हैं।

बुआ ने बताया कि हिमांशु बहुत धार्मिक प्रवृत्ति का था। देवी मां की वह काफी पूजा करता था। कुछ दिनों पहले वह दक्षिण भारत टूर पर भी गया था। सोनू का सुसाइड नोट बता रहा था कि वह दुनिया से काफी क्षुब्ध हो गया था।

लिखा था कि ‘कभी किसी पर एतबार मत करना, हम तो हुए परदेसी हमारा इंतजार मत करना’। अंत में लिखा कि मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं।

कमरे में पड़ी थी कटी हुई सब्जी
हिमांशु ने खाना बनाने के लिए सब्जी काटी थी, लेकिन खाना नहीं बनाया। उसने काफी चिंतन के बाद अंदर से कमरा बंद कर मौत को गले लगा लिया।
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