हरिद्वार में नगर निगम की महिला कर्मचारी की हत्या किसी लुटेरे बदमाश ने नहीं, बल्कि किसी करीबी ने ही की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है।
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पुलिस की मानें तो पड़ोसियों ने वारदात से एक घंटे पहले किसी परिचित के घर में आने की बात बताई है। वहीं पुलिस को जांच में घर से एक छोटा डंडा भी बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि इसी से मारकर महिला की हत्या की गई है।
लहूलुहान हालत में निकली थीं कमरे से
नगर निगम की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमा शर्मा (उम्र-59 वर्ष) गंगा आश्रम भोलागिरि रोड ललतारौ पुल पर रहती थी। बृहस्पतिवार की देर शाम को आठ बजे के करीब दूधिया दूध देकर गया था। उसके दो घंटे बाद उमा शर्मा लहूलुहान हालत में कमरे से बाहर निकलीं और फर्श पर बेहोश होकर गिर गई।
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मामले की सूचना आश्रम में रहने वाले अन्य लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उन्हें रामकृष्ण मिशन में रेफर कर दिया गया। इस दौरान रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।
घंटे भर महिला के कमरे में रहा एक व्यक्ति
सीओ चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि जिस कमरे में महिला रहती थी उस कमरे का सामान व्यवस्थित मिला है। वहीं महिला के गले में सोने की चेन और कानों में झुमकी भी सुरक्षित थी। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि लूट के लिए हत्या नहीं की गई है।
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उन्होंने बताया कि पड़ोसियों से पूछताछ में कमरे में किसी परिचित व्यक्ति के आने का मामला सामने आया है, जो कि करीब घंटे भर तक महिला के कमरे में रहा। इस दौरान महिला से उसकी किसी बात को लेकर अनबन हुई और दोनों में मारपीट भी हुई है।
पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
उन्होंने बताया कि जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। मालूम हो कि मामले में महिला के दामाद अजय कुमार की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।