देहरादून में दुराचार और अश्लील क्लिपिंग बनाने के आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न होने से परेशान महिला ने फांसी फंदे पर झूल गई।
तनाव के चलते महिला ने उठाया यह कदम
महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर, पहले तहरीर न मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ती रही पुलिस का कहना है कि पारिवारिक तनाव के चलते महिला ने यह कदम उठाया।
दून के एक केंद्रीय संस्थान में कार्यरत महिला ने 12 जुलाई को पुलिस को बताया था कि संस्थान के निदेशक के कार चालक ने 14 मई को उसे धोखे से ऑफिस में बुलाया था।
नशीला पदार्थ पिलाकर किया दुराचार
ऑफिस में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद चालक ने दुराचार किया, जबकि स्टोर कीपर ने अश्लील क्लिपिंग बना ली।
पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी। आरोप है कि रविवार को संबंधित थाने के इंस्पेक्टर ने कहा कि महिला ने अब तक लिखित तहरीर नहीं दी है।
इससे मुकदमा दर्ज नहीं कराया जा सका। बताया जा रहा है कि पुलिस की इस सुस्ती से महिला तनाव में आ गई। रविवार रात उसने घर में फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की।
दरवाजा तोड़कर महिला को बचाया
इस बीच बरामदे में सो रहे बेटी-दामाद ने खटपट की आवाज सुनी और कमरे में आ गए। दोनों ने दरवाजा तोड़कर महिला को बचा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
पीड़िता की बेटी ने कहा कि पहले तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब आरोपी उसकी मां को धमका रहे हैं। इसी तनाव में महिला ने जान देने की कोशिश की।
उधर, पुलिस का कहना है कि रविवार को घर के बाहर महिला का कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इसी के चलते महिला ने यह कदम उठाया।
पुलिस का कहना है कि महिला मानसिक तनाव में है। अब पीड़िता की तहरीर पर कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
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