दहेज की खातिर जिंदा जलाई गई औरंगाबाद की विवाहिता की देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में मौत हो गई है। सिडकुल पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए औरंगाबाद गांव में दबिश भी दी लेकिन कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़े। मायकेवालों ने देहरादून पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
हरिद्वार के रानीपुर क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी गुरमीत (पेशे से चालक) की पत्नी लखविंदर सोमवार रात को बुरी तरह झुलसने पर स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल रेफर कर दिया था।
मंगलवार को मुजफ्फरनगर की गांधी कालोनी से पहुंची नवविवाहिता की मां सुशीला ने ससुराल पक्ष पर दहेज की खातिर बेटी को जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए दस ससुरालियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।