पिथौरागढ़ कें एक महिला ने अपना ही सुहाग उजाड़ दिया। उसने चाचा और पिता के साथ मिलकर पांच माह पहले लाठी-डंडों से पीट-पीटकर पति की हत्या कर दी और शव घर से थोड़ी दूर फेंक दिया था।
सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने महिला, उसके चाचा और पिता को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार नैचुना निवासी गोपाल सिंह (36) पुत्र दान सिंह हरियाणा में नौकरी करते थे।
नौ अक्तूबर 2014 को जब वह घर आए तो पत्नी शीला देवी अपने दो बच्चों समेत मायके बुंगली गांव गई हुई थी। वह सीधे पत्नी और बच्चों से मिलने बुंगली गांव चले गए। उसी रात उनकी लाश बुंगली में ससुराल वालों के घर से थोड़ी दूरी पर संदिग्ध हालत में बरामद हुई।
गोपाल सिंह के पिता दान सिंह को इसकी सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने बेटे की हत्या का संदेह जताते हुए राजस्व पुलिस में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस बीच, राजस्व पुलिस कर्मियों की हड़ताल के कारण जिलाधिकारी ने मामले की तफ्तीश का काम रेगुलर पुलिस को सौंप दिया।
रेगुलर पुलिस ने सोमवार को मृतक गोपाल सिंह की पत्नी शीला देवी, शीला के पिता दीवान सिंह और चाचा चंचल सिंह को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी केएस नेगी ने बताया कि गोपाल सिंह और शीला के बीच विवाह के बाद से ही मनमुटाव रहता था।
शीला अक्सर मायके में रहा करती थी। नौ अक्तूबर 2014 को उसने अपने पिता और चाचा के साथ मिलकर पति को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला और उसकी लाश घर से थोड़ी दूरी पर रास्ते में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया है और आवेश में आकर इस तरह का कदम उठाने की बात कही है। रोपियों को पकड़ने वाली टीम में कांस्टेबल नवीन बुधानी, चनी राम, कैलाश काला, अंजू बिष्ट शामिल थे।