राजीव कॉलोनी में सोमवार की दोपहर घरेलू हिंसा का विरोध करने पर पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी ने 15 दिन पूर्व पति पर शराब पीकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए साहिबाबाद पुलिस से शिकायत की थी।
इसके बाद से पत्नी अपने जेठ के मकान में रह रही थी। सोमवार को पति घर की चाभी मांगने पत्नी के पास गया था। इनकार करने पर उसने सिर में तमंचे से गोली मारकर पत्नी की हत्या कर दी।
महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि पति फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
गली नंबर नौ राजीव कॉलोनी के मकान संख्या 199 में आसिफ पत्नी शहनाज के साथ किराए पर रहता था। चार साल पहले उनकी शादी हुई थी। आसिफ ड्राइवर है।
करीब 15 दिन पूर्व शराब पीने से मना करने पर आसिफ ने शहनाज की पिटाई कर दी थी और गुस्से में घर का सारा सामान भी तोड़ दिया था। शहनाज ने पुलिस से घरेलू हिंसा की शिकायत की। तभी से आसिफ फरार था।
इसके बाद से शहनाज घर पर ताला लगाकर पड़ोस में मकान संख्या सी-34 में रहने वाले जेठ अक्षन मियां और जेठानी शहीदा के पास रह रही थी। शहीदा और शहनाज सगी बहनें हैं।
सोमवार की दोपहर करीब एक बजे आसिफ बड़े भाई के घर पहुंचा। उसने शहनाज से अपने घर की चाभी मांगी। शहनाज ने चाभी देने से मना कर दिया, तो आसिफ ने तमंचे से पत्नी के सिर में गोली मार दी।
शहनाज की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद से आसिफ फरार है। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। हत्याकांड से पड़ोसियों में भी दहशत है।
एसएचओ साहिबाबाद उपेंद्र यादव ने बताया कि आसिफ शराब पीने का आदी है, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। शहनाज ने पति के खिलाफ थाने में शिकायत भी दी थी।
वहीं शहनाज की मां सलमा ने पुलिस को बताया कि आसिफ के शराब पीने की लत के बारे में शादी से पहले जानकारी नहीं थी।
शराब पीने से मना करने पर वह बेटी के साथ मारपीट करता था। एक माह पूर्व उसने बेटी पर हमला कर दिया था, जिस पर बेटी ने पुलिस से शिकायत की थी।
पड़ोसी बोले, झगड़े की वजह शराब नहीं शक था
पड़ोसियों की मानें तो दोनों तीन वर्ष से यहां पर रह रहे थेे। इससे पहले कभी दोनों के बीच झगड़ा नहीं हुआ। आसिफ ड्राइवर था, इसी वजह से वह कई दिनों तक घर से बाहर रहता था।
इसी कारण पत्नी उस पर शक करती थी। वहीं, आसिफ घर नहीं होता था तो शहनाज अपनी बहन के घर ही रुकती थी।
यह आसिफ को पसंद नहीं था, जिसकी वजह से वह शहनाज पर शक करता था। बहरहाल, पुलिस पड़ोसियों की थ्योरी से इत्तेफाक नहीं रख रही है।
.... तो बच जाती शहनाज की जान
शहनाज ने घरेलू हिंसा के खिलाफ 15 दिन पहले ही साहिबाबाद पुलिस से शिकायत की थी। अगर पुलिस लापरवाही नहीं करती और आसिफ को पकड़ लेती तो शहनाज की जान बच सकती थी।