घर पर पार्टी वगैरह का भी प्रस्ताव देते थे। छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो टीचर ने दोबारा इसी तरह के द्विअर्थी संवादों का इस्तेमाल किया। यह पिछले एक महीने से चल रहा है। उन्होंने बृहस्पतिवार को यूटीयू के कुलपति को इसकी शिकायत की। कुलपति ने पूर्व शिक्षा निदेशक वीर बहादुर बिष्ट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
शुक्रवार को मुहर्रम का अवकाश होने की वजह जांच समिति नहीं आई। शनिवार को जांच समिति के तीनों सदस्य यूटीयू पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने तीनों छात्रों से बात की। जानकारी के मुताबिक, छात्राओं ने अपनी शिकायत के अनुरूप ही आपबीती सुनाई। उनका कहना था कि उनके साथ शिक्षक ने जो व्यवहार किया है, उससे वह बेहद दुखी हैं। वहीं, आरोपी टीचर भी अपनी पत्नी के साथ जांच समिति के सामने पहुंचे। टीचर ने छात्राओं के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। अब सोमवार को मामले की रिपोर्ट आएगी।
जांच समिति ने शाम करीब पांच बजे तक दोनों पक्षों से बातचीत की है। अब मामले की पूरी जानकारी सोमवार को रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अनीता रावत, कुलसचिव, यूटीयू