उत्तर प्रदेश में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश शाहरुख पठान के मंगलवार देर रात देहरादून-हरिद्वार के बीच पकड़े जाने की खबर है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। यह अपराधी काफी समय से उत्तराखंड को अपनी शरण स्थली बनाने के साथ ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। वह पश्चिमी यूपी के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था।
मुजफ्फरनगर निवासी शाहरुख ने करीब दो साल पहले बिजनौर जेल से पेशी पर आए आसिफ जाहिदा नामक बंदी को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर गोलियों से भून दिया था। इसके बाद शाहरुख कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया था। सूत्रों की मानें तो करीब डेढ़ साल पहले शाहरुख मुजफ्फरनगर पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गया था।
इसी साल शहर के खालापार में यासीन हत्याकांड में भी उसका नाम उछला था। उत्तर प्रदेश शासन ने उसकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। इस अपराधी के काफी समय से पूर्वांचल और उत्तराखंड के कई बडे़ अपराधियों से जुड़ने की बात सामने आ रही है।
कई गैंग द्वारा शाहरुख को शूटर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की भी चर्चा है। करीब दो माह से उसके उत्तराखंड में हरिद्वार आदि इलाकों में सक्रिय होने की खबरें यूपी पुलिस को मिलीं।
मुजफ्फरनगर पुलिस उसकी टोह में कई बार उत्तराखंड में डेरा डाल चुकी है, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई है। इसी बीच शाहरुख के उत्तराखंड पुलिस द्वारा मंगलवार देर रात गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। हालांकि अधिकारिक तौर पर पकड़े जाने की पुष्टि नहीं हो सकी।