रायपुर निवासी एक युवती ने रायपुर थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2009 में उसके चाचा सुरेश ने रायपुर के विक्की से उसकी शादी करवा दी।
बताया था कि विक्की दून अस्पताल के पास कोरियर कंपनी चलाता है। शादी के कई दिन बाद भी विक्की काम पर नहीं गया तो युवती को शक हुआ।
युवती खुद एक प्रतिष्ठित नर्सिंग होम में नर्स है। इस बीच पड़ोसियों ने उसे बताया कि विक्की बेरोजगार है।
ससुरालियों ने शादी के लिए चाचा को दिए एक लाख
युवती के मुताबिक कुछ दिन पूर्व वोटर आईडी कार्ड बनाने कर्मचारी घर आए तो पता चला कि विक्की हिंदू नहीं, दूसरे धर्म का है।
शादी के दौरान भी उसे, ससुरालियों को हिंदू बताया गया था। पुरानी वोटर आईडी में उसका नाम नितिन लिखा था।
युवती ने पूछताछ की तो मालूम हुआ कि ससुरालियों ने शादी के लिए उसके चाचा को एक लाख रुपए दिए थे। युवती चार माह की गर्भवती है।
शादी के पांच साल बाद पता चला सच
शादी के पांच साल बाद युवती ने चाचा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि रुपए लेकर उसने भतीजी की शादी दूसरे समुदाय के बेरोजगार युवक से करा दी।
युवती ने पति और ससुरालियों के खिलाफ भी षड्यंत्र, दहेज उत्पीड़न का केस करवाया है। पुलिस जांच कर रही है।