गैंगरेप पीड़िता के मामले में हर कदम पर लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष पर गाज गिर गई। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष गिरीश चंद शर्मा को यहां से हटाकर कोतवाली ज्वालापुर भेज दिया है। जबकि ज्वालापुर की रेल चौकी प्रभारी को भगवानपुर का नया थानाध्यक्ष बनाया है।
इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू हुई है, जिसमें कुछ अन्य अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। पुलिस प्रदेश मुख्यालय ने रिपोर्ट तलब की है।
सार्वजनिक बयान दर्ज करने पर कार्रवाई
भगवानपुर क्षेत्र की एक किशोरी के साथ गैंगरेप के मामले में पुलिस के बराबर लापरवाही बरतने के कारण पिछले कुछ दिनों से मामला तूल पकड़े हुए था। इस मामले में कदम-कदम पर लापरवाही बरती गई।
कभी पुलिस की तो कभी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आती रही। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी होने पर घर पहुंची किशोरी के बयान लेने पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने घोर संवेदनहीनता का परिचय दिया था। तमाम लोगों के सामने ही पीड़िता के बयान लिए गए थे।
खबर का असर
इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था जिस पर डीजीपी बीएस सिद्धू ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट तलब की वहीं एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने इस मामले को घोर लापरवाही मानते हुए थानाध्यक्ष गिरीश चंद शर्मा को हटा दिया है।
गिरीश चंद शर्मा को ज्वालापुर कोतवाली से अटैच किया गया है जबकि ज्वालापुर की रेल चौकी प्रभारी महेश लखेड़ा को भगवानपुर का थानध्यक्ष बनाया गया है। ज्वालापुर में ही तैनात गीता चौधरी रेल चौकी प्रभारी होगी। वहीं एसपी देहात को इस मामले की विभागीय जांच सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री से मिलेंगे लोग
गैंगरेप मामले में पीड़िता के सार्वजनिक तौर पर बयान दर्ज करने पर लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए है। निर्णय लिया गया कि समाज के लोग इस मामले में मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगे।