मामले में अब तक प्रदेश के 11 जिलों में विभिन्न मुकदमे भी दर्ज किए जा चुके हैं। अब रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तैनात तीन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाए गए हैं। एसआईटी प्रभारी एएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि इन शिक्षकों ने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की बीएड की अंकतालिका भर्ती प्रक्रिया में प्रस्तुत की थी। जांच में सीसीएस यूनिवर्सिटी के कुल सचिव की ओर से जारी पत्र में इन अंकतालिकाओं के जाली होने का उल्लेख है।
सीसीएस के कुलसचिव का पत्र मंगलवार को ही एसआईटी के मिला है। सभी शिक्षक साल 2014 में भर्ती हुए थे। इनमें से एक ऊखीमठ, एक अगस्तमुनि और एक सिखाड़ी ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में तैनात है। एएसपी चौबे ने बताया कि तीनों शिक्षकों की विभागीय जांच को शिक्षा निदेशालय को लिखा गया है।