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अधिकारी को धमकी, कहा 'मानहानि में फंसा देंगे'

Fri, 23 Jan 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर संचालित रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के संचालक पर जांच अधिकारी को मानहानि के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा है।
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अस्पताल में अनियमितताओं की जांच कर रहे अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चक्रपाणि ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल से इसकी शिकायत की है। डॉ. चक्रपाणि ने कहा है कि अस्पताल संचालक जांच में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं।

रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन पीपीपी मोड में राजभ्रा मेडिकेयर कंपनी करती है। पिछले महीने अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. नरेश नपलच्याल ने अस्पताल में अनियमितताओं की शिकायत की थी।
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आरोप है कि कंपनी के प्रबंध निदेशक रजनीश कश्यप ने डॉ. नपलच्याल को देख लेने की धमकी दी थी। डॉ. नपलच्याल ने रायपुर थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
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जांच में सहयोग न करने का आरोप

अनियमितताओं की जांच के लिए डॉ. बीके चक्रपाणि के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी एक महीने में कई बार जांच के लिए अस्पताल जा चुकी है।

डॉ. चक्रपाणि का कहना है कि कंपनी संचालक की ओर से जांच प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। सीएमओ डॉ. एसपी अग्रवाल ने कहा कि कंपनी संचालक पर कार्रवाई के लिए महानिदेशालय को सूचित कर दिया गया है।

कंपनी का है कहना
विभागीय जांच के बारे में हमारे पास सूचना नहीं है, लेकिन चल रहे मेडिकल आडिट में हम विभाग का सहयोग कर रहे हैं। हर माह सीएचसी में दी जाने वाली सेवाओं की एवज में बिल भुगतान के लिए भेजे जाते हैं, तीन चरणों (सीएमएस, सीएमओ और डीजी) पर उनकी जांच होती है, जिसके बाद शासन स्वीकृति देता है।

अगर सीएचसी की कार्यप्रणाली में चूक हुई हैं तो वह सामने आनी चाहिए। रिपोर्ट आने से पहले कंपनी पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप अनुचित और निराधार है, जिस पर विभाग से आपत्ति जताई है।’
-रजनीश कश्यप, एमडी राजभ्रा मेडिकेयर
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