यह है देहरादून पुलिस का हाल। दुर्घटना के बाद जिस बस को पुलिस ने कस्टडी में लिया था, चोर उस बस को उड़ा ले गए और पुलिस को खबर तक नहीं हुई। आईएसबीटी चौक पर टक्कर मारकर महिला को मौत के घाट उतारने के मामले में प्राइवेट बस को कब्जे में लेकर सीज कर दिया था।
बृहस्पतिवार को मालिक बस का रिलीज आर्डर लेकर पहुंचा तो बस मौके पर नहीं मिली। इसकी सूचना मिलते पुलिस में हडकंप मच गया। एसएसपी ने नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द बस बरामद करने के निर्देश दिए हैं। आईएसबीटी चौक पर दून-विकासनगर प्राइवेट बस की टक्कर से सोमवार दोपहर डाक पत्थर के यमुना कालोनी निवासी बलजीत सिंह की पत्नी की मौत हो गई थी।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालक को गिरफ्तार करने के साथ बस नंबर यूपी 07 जी, 3475 को कब्जे में लेकर सीज कर दिया था। पुलिस ने बस चौकी से कुछ दूर पर सड़क किनारे खड़ी करवा दी। चालक की जमानत के बाद मालिक ने बस के रिलीज आर्डर ले लिए। बृहस्पतिवार को बस मालिक अदालत का आदेश लेकर चौकी पहुंचा तो बस चोरी होने का खुलासा हुआ।
शातिर बस चलाकर ले गया, किसी को नहीं शक
जांच में पता चला कि बस को बुधवार सुबह कोई शख्स यहां से चलाकर ले गया। उस समय वहां कई लोग थे। किसी को उस पर शक नहीं हुआ। आईएसबीटी के अलावा कई मार्गों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बस किस तरफ गई है।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने मामला संज्ञान में आने के बाद कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि चौकी के पास वाहनों को खड़े करने की कोई व्यवस्था नहीं है, इस कारण बस को प्राइवेट बस के पास ही खड़ा कर दिया गया था। यह गंभीर मामला है, मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जा रही है। उधर, मामले को लेकर प्राइवेट बस मालिकों ने शुक्रवार को बैठक बुलाई है, जिसमें आगामी रणनीति तय की जाएगी।