मां का ऊपरी साया उतारने के बहाने घर में दाखिल हुए युवा तांत्रिक ने गृहस्वामी की नौ साल की बेटी की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया, लेकिन हत्या की वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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रायपुर थाना क्षेत्र के रांझावाला निवासी पुताई के ठेकेदार मोबिन अंसारी की नौ साल की बेटी रीमा खातून मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे के करीब घर के बाहर खेलते हुए रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी।
कई घंटे जंगल में कांबिग करने के बाद कोई सुराग नहीं लगा तो परिजनों ने देर रात साढे़ ग्यारह बजे रायपुर थाने में रीमा की गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। रायपुर एसओ अबुल कलाम ने जांच के दौरान बुधवार सुबह अबूहसन को बातचीत के लिए थाने बुला लिया।
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तीन दिन पहले गंदी हरकत पर पिता ने लगाई थी फटकार
पहले तो वह कुछ भी जानने से मना करता रहा पर पूछताछ के दौरान कुछ देर में ही आरोपी ने हत्या कर शव फेंकने का जुर्म स्वीकार कर लिया। सूचना पाकर एसपी सिटी अजय सिंह और सीओ डालनवाला प्रमोद कुमार भी रायपुर थाने पहुंच गए। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर ढांग में फेंका गया रीमा खातून का शव बरामद कर लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि आरोपी अबूहसन ने तीन दिन पहले बालिका के साथ गंदी हरकत की थी। इस बात पर मोबिन ने उसे फटकार लगाते हुए बेटी और दो अन्य बच्चों को उससे दूर रहने के लिए कहा था।
हालांकि अबूहसन पूछताछ में कत्ल की वजह पर खुलकर कुछ नहीं बता रहा है। लेन-देन और पुताई के दौरान फटकार लगाए जाने के कारण वह तनाव में था। इस कारण खुन्नस निकालने के लिए रीमा का कत्ल किया। बदनीयती से बालिका को उठाने की बात से वह इनकार कर रहा है।
बालिका को ढूंढते वक्त रहा सबसे आगे-आगे
हत्यारोपी अबूहसन बालिका को ढूंढने में सबसे आगे रहा। रात में गठित की गई चार टीमों में से एक की अगुवाई खुद अबूहसन कर रहा था। हत्यारोपी मंगलवार शाम को बहाने से रीमा खातून को खेलते हुए बुलाकर ले गया था।
बालिका को करीब सवा किलोमीटर दूर ले जाकर गला दबाकर मारने के साथ उसके शव को फेंक दिया था, जिस कारण उसके सिर में भी चोट थी। हत्या करने के बाद आरोपी सीधा मोबिन के घर आकर लेट गया था। रीमा खातून के गायब होने का शोर मचा तो वह भी हरकत में आ गया।
रायपुर के प्रधान अनिल सेमवाल का कहना था कि आरोपी उसकी तलाश में आगे-आगे चल रहा था। किसी को उस पर शक भी नहीं था। बराबर वह तंत्र-मंत्र के जरिए इधर-उधर की कहानी बताता रहा। एसओ अबुल कलाम का कहना था कि आसपास के लोगों को परखा गया था, तो वह भी जांच के दायरे में आ गया।
मोबाइल में फोटो को देखकर हुआ शक
आरोपी अबूहसन के मोबाइल में बालिका के फोटोग्राफ मिलने से पुलिस का शक और गहरा गया। क्योंकि इतने फोटोग्राफ का मकसद क्या था। परिजनों के पास उसका एक फोटो भी नहीं मिल पाया था।
पुलिस जांच में पता चला कि बालिका के गायब होने के समय अबूहसन भी मौके पर देखा गया था। इसी आधार पर बात करने के लिए उसे बुलाया गया था। पुलिस ने मोबाइल खंगाला तो शक गहराता चला गया। इसके बाद थोड़ी सख्ती में ही आरोपी टूट गया और पूरा सच हलक से बाहर आ गया।
पिता को था अबूहसन पर विश्वास बालिका के गायब होने के बाद पिता मोबिन अंसारी का अबूहसन से विश्वास डगमगाया नहीं था। पुलिस ने जब अबूहसन पर शक जताया तो पिता ने साफ तौर से कहा कि वो ऐसा नहीं कर सकता है। उस पर पूरा विश्वास है। बेटी की हत्या के बाद जरूर मोबिन के विश्वास को गहरा झटका लगा। पिता का कहना था कि अबूहसन ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा है। आसरा देने की उन्हें इतनी बड़ी सजा मिली है।
एसएसपी के मुताबिक मोबिन को शक था कि पत्नी नूरजहां खातून पर किसी जिन्न का साया है। अंसारी ने तंत्र-मंत्र करने वाले बिहार के प्लासी निवासी अबूहसन (19) को 18 अप्रैल को अपने घर में रख लिया था।
सुबह-शाम तांत्रिक क्रिया करने के साथ दिन में वह मोबिन के साथ पुताई का काम करता था। इसी बीच कुछ अनबन होने के बाद भी मोबिन ने अबूहसन को घर से बाहर का रास्ता नहीं दिखाया। पुलिस ने अपहरण, हत्या और लाश को छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी दर्शा दी है।
कहता रहा, सब कुछ भूत ने किया शातिर अबूहसन ने तंत्र-मंत्र में पुलिस को उलझाने की कोशिश की। पूछताछ में आरोपी कहता रहा कि उसने कुछ नहीं किया, सब भूत ने किया है। नाराज एक आत्मा ने बच्ची की जान ली। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि आरोपी बाकायदा लकीर खींचकर ड्रामा भी करने लगा, लेकिन बाद में सच जुबान पर आ गया।
कब्रिस्तान में रहा 40 दिन हत्यारोपी अबूहसन का कहना था कि वह सबसे पहले डोईवाला में आकर ठहरा था। यहां पर 40 दिन तक कब्रिस्तान में रहकर तंत्र मंत्र की विद्या सीखी थी। वह अब तक काफी लोगों का इलाज कर चुका है।