तीर्थनगरी हरिद्वार में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने दो तांत्रिकों पर रेप का आरोप लगाया है।
इलाके की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति पर भूत का साया बताकर दो कथित तांत्रिकों ने अपने जाल में फंसा उससे बलात्कार किया। मामला सिडकुल के एक गांव का है।
मूल रूप से इज्जतनगर, बरेली का रहने वाला दंपति यहां एक गांव में किराये के मकान में रहता है। उसी मकान में दो कथित तांत्रिक अमित पुत्र गुलाब चंद एवं रवि भी रहते हैं। कथित तांत्रिकों ने महिला को बताया था कि उसके पति पर भूत का साया है।
उतारने के लिए पूजा करानी होगी। महिला ने बताया कि शुक्रवार देर रात वह अपने पति एवं तांत्रिकों के साथ सुनसान स्थान पर बने खंडहर में गई। उसके पति को कुछ देर के लिए अन्यत्र भेज दिया गया फिर कथित तांत्रिकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
शनिवार शाम पति के साथ पहुंची महिला ने पुलिस को आपबीती बताई। थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह रावत ने बताया कि महिला के पति की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में 12 साल कैद
विशेष सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी ने 10 साल की बच्ची से बलात्कार और अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में जिला पिथौरागढ़ निवासी अभियुक्त आनंद सिंह सावंत पुत्र ठाकुर सिंह को धारा 323, 363, 366, 376 (2), 377, 503 और पोक्सो एक्ट 5/6 के तहत दोषी पाया।
न्यायालय ने दोषी को 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपए पीड़िता को दिए जाएंगे। पिथौरागढ़ जिले के ग्राम कुमरैली थाना थल निवासी आनंद सिंह सावंत पुत्र ठाकुर सिंह 99 ब्रिगेड चौबटिया कैंप 56 एपीओ में कार्यरत था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 17 मार्च 2014 को शाम पांच बजे 10 वर्षीय बालिका अपने पांच साल के भाई के साथ दुकान में समान लेने गई थी। तब अभियुक्त ने पीड़िता के भाई को मारपीट कर भगा दिया और बच्ची को पकड़ कर जंगल में ले गया जहां उसने बालिका के साथ बलात्कार और अप्राकृतिक यौनाचार किया।
पीड़िता का भाई रोता हुआ घर पहुंचा और घटना की सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने अभियुक्त को पकड़ लिया। इस दौरान अभियुक्त ने पीड़िता के परिजनों और भाई के साथ मारपीट भी की। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बच्ची और आरोपी का मेडिकल कराया। यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश रवींद्र मैठाणी की अदालत में चला। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दीवान सिंह बिष्ट और पीड़िता के अधिवक्ता राजेश रौतेला ने पैरवी की।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में 13 गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय में आरोपी पर दोष साबित हुआ। विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को धारा 323 में एक माह, धारा 363 में चार साल और दस हजार जुर्माना, धारा 366 में छह साल और 20 हजार जुर्माना, 506 में दो साल की सजा, धारा 376 (2) में 12 साल की सजा और 50 हजार जुर्माना, धारा 377 में आठ साल की सजा, 20 हजार जुर्माना, धारा 506 में दो साल की सजा सुनाई है।
जुर्माने की राशि में से 50 हजार पीड़िता को अदा किया जाएगा। अभियुक्त वर्तमान में अल्मोड़ा जेल में बंद है। 46 पृष्ठ के निर्णय में न्यायालय ने सभी धाराओं में कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सभी धाराओं में सजा साथ-साथ चलेंगी।